
इरान युद्ध: ‘पिकएक्स माउन्टेन’ क्या है और ट्रम्प इस क्षेत्र पर बमबारी क्यों करना चाहते हैं?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इरान के संदिग्ध भूमिगत परमाणु स्थल ‘पिकएक्स माउन्टेन’ पर बमबारी की चेतावनी बार-बार दी है। हाल ही में भू-अंतरिक्ष से लिए गए तस्वीरों में इस स्थल पर निर्माण कार्य जारी दिखाया गया है। ‘पिकएक्स माउन्टेन’ इरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा एक ऐसा कम ज्ञात क्षेत्र है जो अमेरिकी निशाने पर नहीं आया था। यहां इरान पर संवर्धित युरेनियम रखने का अपुष्ट दावा किया गया है, जिसे आगे परमाणु हथियार बनाने के लिए संसाधित किया जा सकता है।
21 जुलाई को संवाददाताओं से बात करते हुए ट्रम्प ने कहा, “हम जल्द ही उस क्षेत्र पर आक्रमण करेंगे और यह बहुत शक्तिशाली होगा।” एक हफ्ते बाद 28 जुलाई को उन्होंने फिर कहा, “पिकएक्स माउन्टेन में ठीक क्या हो रहा है मुझे पता है। यह कोई बड़ी समस्या नहीं है। हमने उनके परमाणु केंद्रों को समाप्त कर दिया है, अगर समझौता नहीं होता तो पिकएक्स को भी नष्ट करना होगा।” इरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने 22 जुलाई को कहा था कि पिकएक्स माउन्टेन पर कोई परमाणु गतिविधि नहीं हो रही है और अमेरिकी चेतावनी को “आक्रमण, विनाश और तोड़फोड़ के लिए बहाना” बताया।
पिकएक्स माउन्टेन को ‘कुह–ए–कोलाङ’ भी कहते हैं। यह स्थल इरान के सबसे बड़े परमाणु प्रसंस्करण केंद्र ‘नतान्ज’ के ठीक दक्षिण में स्थित है। माना जाता है कि इस पहाड़ के अंदर गहरी संरचना बनाई जा रही है। इसके वास्तविक उद्देश्य को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है, जिसके कारण परमाणु केंद्रों से जुड़ी जानकारी रहस्यमयी बनी हुई है। इरानी परमाणु ऊर्जा संगठन के पूर्व प्रमुख अली अकबर सालेही ने 2020 में कहा था कि “नतान्ज के पास” पहाड़ के अंदर एक “आधुनिक, बड़ा और व्यापक सुविधा वाला आधारभूत ढांचा” बन रहा है, हालांकि उस वक्त पिकएक्स माउन्टेन का नाम नहीं लिया गया था।
पिकएक्स माउन्टेन को हवाई हमलों से सुरक्षित बनाए जाने के लिए डिजाइन किया गया हो सकता है। कुछ विशेषज्ञों के अनुसार इसका मुख्य हिस्सा जमीन के नीचे लगभग 100 मीटर गहरा है, जो इरान के अन्य परमाणु स्थलों फोर्दो और नतान्ज से कहीं अधिक गहरा है। अमेरिकी इंस्टीट्यूट फॉर साइंस एंड इंटरनेशनल सिक्योरिटी (ISIS) के विश्लेषण के मुताबिक, इरान ने पूर्व की दिशा में दो सुरंग के प्रवेश द्वार बंद कर दिए हैं।
फिर भी विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बमों का उपयोग करने के बावजूद पिकएक्स माउन्टेन को पूरी तरह ध्वस्त करना मुश्किल होगा। साउथ फ्लोरिडा विश्वविद्यालय के शोधकर्ता अरमान महमुदियन कहते हैं, “इसकी गहरी आंतरिक संरचना अस्पष्ट होने के कारण भूमिगत पूरी संरचना को नष्ट करना अत्यंत कठिन है।” हालांकि उन्होंने कहा कि अमेरिकी हमला सुरंगों के प्रवेशद्वार, संचार व्यवस्था, पहुंच मार्ग और अन्य सहायक बुनियादी ढांचे को निशाना बना कर गतिविधि को रोक सकता है। लेकिन जमीन के अंदर गहराई में स्थित हिस्से सुरक्षित रहने की संभावना अधिक है।