
इरानी विदेशमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव से की वार्ता
इरानी विदेशमंत्री अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से आक्रामक देशों को कानूनी कार्रवाई के दायरे में लाने का आग्रह किया है। अराघची ने अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों को अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया और महासभा से कड़ी निंदा करने की मांग की।
इरान ने हर्मुज जलसंधि में अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आक्रामक पक्ष से संबंधित जहाजों की आवागमन रोकने का कानूनी अधिकार होने का दावा किया है। १३ फाल्गुन, काठमाडौं। अराघची ने महासचिव गुटेरेस से संयुक्त राष्ट्र की चैप्टर 7 के तहत आक्रामक पक्ष को जवाबदेह ठहराने की अपील की है।
विदेशमंत्री अराघची ने मध्य पूर्व और हर्मुज जलसंधि में उत्पन्न अस्थिरता के लिए अमेरिका और इजरायल की सैन्य हस्तक्षेप को मुख्य कारण बताया। उन्होंने कहा कि एक तटीय राष्ट्र के रूप में, इरान को ‘आक्रामक’ पक्ष से जुड़ी जहाजों की आवागमन रोकने का कानूनी अधिकार प्राप्त है ताकि उसकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
फरवरी 28 से जारी इस तीव्र युद्ध ने वैश्विक ऊर्जा संकट को जन्म दिया है और क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव डाला है।