
आंध्र प्रदेश में भारत का विशाल संयुक्त परिवार की जीवनशैली
भारत के आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में सात पीढ़ियों तक फैले एक विशाल संयुक्त परिवार का निवास है। इस परिवार को दैनिक खाद्यान्न के लिए 50 किलो चावल की आवश्यकता होती है। रविवार को मांस खाने के खास दिन के लिए एक पूरा भेड़ चाहिए जबकि पकौड़े बनाने के लिए 15 किलो आटा इस्तेमाल होता है। परिवार में 83 सदस्य हैं, इसलिए इतनी बड़ी मात्रा में भोजन की आवश्यकता पड़ती है।
यह परिवार कुरलापली कल्याणदुर्ग से सात किलोमीटर दूर स्थित है। गांव में लगभग 400 घर हैं और कुल जनसंख्या करीब 2,000 है। यहां प्रवेश करते ही दाहिनी ओर दो बड़े घर मिलते हैं, जहां एक ही परिवार रहता है। इस विशाल परिवार का मुख्य आय स्रोत खेती-बाड़ी है। सभी सदस्य मिलकर खेती करते हैं, गाय-भैंस पालते हैं और दूध उत्पादन करते हैं। परिवार के मुखिया हनुमंत रायडू ने कहा, “83 सदस्यों की दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करना मेरी जिम्मेदारी है।”
परिवार के प्रबंधन का मुख्य दायित्व संभालने वाले महेश कहते हैं, “सुबह चाय पीते समय दो सदस्य मिलकर यह तय करते हैं कि किसे क्या काम करना है।” परिवार में झगड़े न हों इसलिए सदस्यों की विवाह निकटस्थ लोगों से कराई जाती है। राजेश्वरी कहती हैं, “कभी-कभी झगड़ा होता है लेकिन शाम को सभी मिलकर खुशियां मनाते हैं।” परिवार अपनी जरूरत के अनुसार अनाज और सब्जियां उगाता है। महेश कहते हैं, “हम खासतौर पर मिर्च, टमाटर, खरबूजा, मेवा और बादाम की खेती करते हैं।”