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सेन्ट्रल कमान्ड ने ‘फाल्कन स्ट्राइक’ ड्रोन कार्यदल गठन करने की योजना बनाई

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा पश्चात तैयार।

  • अमेरिकी सेन्ट्रल कमान्ड ने पश्चिम एशिया में ड्रोन तकनीक को एकीकृत करते हुए बहुराष्ट्रीय एवं बहु-क्षेत्रीय आक्रमण ड्रोन कार्यदल ‘फाल्कन स्ट्राइक’ गठन करने की योजना घोषित की है।
  • सेन्ट्रल कमान्ड के कमांडर एडमिरल ब्राड कूपर ने साझेदार देशों के साथ मिलकर नई तकनीक और क्षमताओं से सामूहिक सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत बनाने की बात कही।
  • विशेष संचालन कमान्ड सेन्ट्रल के नेतृत्व में बने इस कार्यदल में समुद्री और हवाई क्षेत्रों में मानव रहित प्रणालियों को एकीकृत कर परिचालन किया जाएगा।

२९ साउन, फ्लोरिडा (रासस/एएनआई) — पश्चिम एशिया में संघर्ष और सुरक्षा तनाव बढ़ते हुए, अमेरिकी सेन्ट्रल कमान्ड ने अमेरिका और क्षेत्रीय साझेदारों के मानव रहित प्रणालियों को जोड़ते हुए पहला बहुराष्ट्रीय एवं बहु-क्षेत्रीय आक्रमण ड्रोन कार्यदल ‘फाल्कन स्ट्राइक’ गठन करने की योजना की घोषणा की है।

सेन्ट्रल कमान्ड के अनुसार, यह नया कार्यदल समुद्र की सतह, समुद्र के भीतर और हवाई क्षेत्रों में संचालित मानव रहित प्रणालियों का समन्वय करेगा। इसमें एकतरफा आक्रमण के लिए उपयोग किए जाने वाले ड्रोन भी शामिल होंगे। सेन्ट्रल कमान्ड ने गुरुवार को जारी एक विज्ञप्ति में क्षेत्रीय साझेदारों को कार्यदल में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू करने की सूचना दी।

यह योजना नौ महीने पहले सेन्ट्रल कमान्ड द्वारा स्थापित ‘स्कर्पियन स्ट्राइक’ नामक कार्यदल के बाद सार्वजनिक की गई है। अमेरिकी सेना ने स्कर्पियन स्ट्राइक को मध्य पूर्व में स्थापित पहला समर्पित एकतरफा आक्रमण ड्रोन कार्यदल बताया है।

स्कर्पियन स्ट्राइक ने पिछले वर्ष दिसंबर में अमेरिकी नौसेना युद्धपोत से पहली बार हवाई आक्रमण ड्रोन लॉन्च किया था। इस कार्यदल ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्युरी’ के दौरान एकतरफा मानव रहित हवाई प्रणालियों का उपयोग किया, तथा जुलाई में इरानी बंदरगाह संरचनाओं पर हमला करते हुए मानव रहित आक्रमणकारी जलयानों को भी तैनात किया था।

सेन्ट्रल कमान्ड के कमांडर एडमिरल ब्राड कूपर ने बताया कि फाल्कन स्ट्राइक, स्कर्पियन स्ट्राइक की सफलता का विस्तार करेगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय सहयोगी और साझेदारों के बीच विकसित नई तकनीक और क्षमताओं का संयुक्त उपयोग जल्दी नए अवसरों को वास्तविकता में बदलने में सहायक होगा।

सेन्ट्रल कमान्ड क्षेत्रीय देशों से परामर्श शुरु कर चुका है और साझेदार देशों को कार्यदल में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण भेज रहा है। साझेदारों के शामिल होने से फाल्कन स्ट्राइक पश्चिम एशिया में आक्रमणकारी ड्रोन क्षमताओं का विस्तार और बहु-क्षेत्रीय तथा बहुराष्ट्रीय प्रतिरोध क्षमता विकसित करेगा, ऐसी उम्मीद है।

कूपर ने कहा कि अमेरिकी सेना के इस क्षेत्र में मजबूत साझेदारी और मित्र राष्ट्र हैं और नई क्षमताओं के संयुक्त विकास और उपयोग से सामूहिक सुरक्षा क्षमता और मजबूती प्राप्त होगी।

‘स्कर्पियन स्ट्राइक’ की शुरुआत अमेरिकी विशेष संचालन कमांड सेन्ट्रल के कर्मचारियों ने की थी, जो फाल्कन स्ट्राइक का नेतृत्व भी करेंगे। इस कार्यदल में अमेरिकी तथा क्षेत्रीय साझेदारों के प्रतिनिधि होंगे।

विशेष संचालन कमांड सेन्ट्रल का मुख्यालय फ्लोरिडा के टाम्पा में मैकडिल वायुसेना सैनिक अड्डे पर स्थित है। यह पश्चिम एशिया, मध्य एशिया और दक्षिण एशिया समेत २१ देशों में विशेष सैन्य अभियानों की योजना और संचालन करता है, जो सेन्ट्रल कमान्ड की जिम्मेदारी में आता है।

फाल्कन स्ट्राइक कार्यदल की प्रस्तावित स्थापना से यह स्पष्ट होता है कि अमेरिकी सेना विभिन्न सैन्य क्षेत्रों में मानव रहित प्रणालियों के उपयोग को बढ़ा रही है तथा क्षेत्रीय साझेदारों के साथ नई ड्रोन तकनीक और क्षमताओं के एकीकरण को तेजी से आगे बढ़ा रही है।