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प्रधानमंत्री मोदी ने लालकिले से घोषित की ‘सप्तधारा’: क्या है यह योजना?

समाचार सारांश भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लालकिले से “विकसित भारत” निर्माण के लिए सात प्रकार की “शक्ति की सप्तधारा” की घोषणा की है। मोदी ने प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए युवाओं को मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग देने और वर्ष 2036 में ओलंपिक आयोजन करने का दावा किया। सशस्त्र नक्सलवाद समाप्त होने का दावा करते हुए उन्होंने हिंसा फैलाने वाले ‘दिमागी नक्सलवादी’ को पहचान कर समाज से अलग करने पर ज़ोर दिया। 31 साउन, काठमांडू। भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लगातार 13वें वर्ष लालकिले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराया। लगभग सवा घंटा लंबे संबोधन में मोदी ने अपनी सरकार की उपलब्धियों को समेटते हुए भविष्य की नीतियों की नई घोषणाएं कीं। उत्पादन, रक्षा सामग्री उत्पादन और विद्युत उत्पादन बढ़ाने पर उन्होंने जोर दिया। साथ ही, सेमिकंडक्टर उद्योग और आणविक ऊर्जा को प्रोत्साहित करने की भी घोषणा की। सशस्त्र नक्सलवाद समाप्त होने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजार में उर्वरक की कमी के बावजूद किसानों को सस्ता उर्वरक उपलब्ध कराया गया है। मोदी ने लालकिले से सरकार के नए दृष्टिकोण के रूप में ‘शक्ति की सप्तधारा’ भी सार्वजनिक की।

‘सप्तधारा’ क्या है?

‘सप्तधारा’ के अंतर्गत प्रधानमंत्री मोदी ने सात प्रकार की ‘शक्ति’ का उल्लेख किया है। उनके अनुसार, ये शक्तियां ‘विकसित भारत’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के निर्माण में योगदान देंगी। मोदी ने कहा, “मैं आज उस युग को याद करना चाहता हूँ, जब भारत की क्षमता को सप्तसिन्धु के रूप में जाना, समझा और माना जाता था। विकसित भारत बनाने के लिए नई धारा आवश्यक है। लालकिले से मैं देश के सामने शक्ति की इस सप्तधारा की आवाज़ उठाना चाहता हूँ। आने वाले 5–7 वर्षों में, जो काम पिछले 5–7 दशकों में संभव नहीं हो पाया, सप्तधारा की ताकत देश को नई ऊँचाई, गति और लक्ष्य तक पहुंचाएगी।”

उत्पादन क्षमता (मैन्युफैक्चरिंग पावर) को सप्तधारा की पहली शक्ति कहा। मोदी के अनुसार, डिजाइन से लेकर उत्पादन तक भारत विश्वव्यापी आपूर्ति श्रृंखला का भरोसेमंद केंद्र बनना चाहिए। मूल्य, गुणवत्ता और उत्पादन स्तर में भारत को वैश्विक मानकों को पूरा करना होगा।

कृषि और खाद्य उत्पादन को सप्तधारा की दूसरी शक्ति बताया। उन्होंने स्वतंत्र व्यापार समझौतों से भारत को व्यापक बाजार प्राप्त होने की बात कही।

एआई और डेटा सेंटर पर केंद्रित प्रौद्योगिकी और नवाचार को सप्तधारा की तीसरी शक्ति मानते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), अंतरिक्ष और डेटा सेंटर में नेतृत्व करने का लक्ष्य निर्धारित किया।

चौथी शक्ति को ‘गतिशक्ति’ नाम देते हुए शहरों को उच्च गति रेल, आधुनिक राजमार्ग और बंदरगाह विकास के माध्यम से जोड़ने की योजना साझा की।

रक्षा उत्पादन में वृद्धि के कारण ‘रक्षा शक्ति’ को पाँचवीं शक्ति कहा।

हरित अर्थव्यवस्था और नील अर्थव्यवस्था को छठवीं शक्ति बताया। हरित हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण, हरित परिवहन और हरित उत्पादन में विश्वस्तरीय क्षमता विकसित करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। मछलीपालन और तटीय पर्यटन को भी बढ़ावा देने के विषयों पर ध्यान केंद्रित किया।

भारत की ‘सॉफ्ट पावर’ को सप्तधारा की अंतिम और सातवीं शक्ति कहा। हस्तशिल्प, संस्कृति, फिल्म, रचनात्मक क्षेत्र, VFX, एनीमेशन, गेमिंग और डिजिटल सामग्री में भारत के प्रभाव को उजागर किया।

युवाओं को मुफ्त कोचिंग उपलब्ध कराना: मोदी ने प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए युवाओं को मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग देने का निर्णय लिया है, जो विद्यार्थियों की असंतुष्टि और मौजूदा छात्र आंदोलनों की पृष्ठभूमि में लिया गया है। उन्होंने लालकिले से कहा, “युवाओं पर आर्थिक बोझ न पड़े इसलिए विभिन्न परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग संचालित करेंगे। डिजिटल अवसंरचना, उत्कृष्ट प्रतिभा और शिक्षकों को जोड़कर देश के युवाओं के लिए एक पूर्ण नेटवर्क बनाया जाएगा।”

सशस्त्र नक्सलवाद के बाद ‘दिमागी नक्सल’ के खिलाफ रणनीति चर्चा करते हुए मोदी ने कहा, “नक्सलवाद और माओवादी आंदोलन ने लाखों युवाओं का भविष्य बर्बाद किया।” उन्होंने कहा, “हथियारबंद नक्सलवादी कम हो गए हैं, लेकिन दिमागी नक्सलवादी अवसर की खोज में हैं। वे हिंसा और अराजकता की राह तलाश रहे हैं और समाज को गलत दिशा में ले जाने का प्रयास कर रहे हैं। इन्हें पहचान कर अलग करना होगा और देश को विकसित राष्ट्र बनाने वाले युवाओं से जोड़ना होगा।”

मोदी ने पहले भी ‘अर्बन नक्सल’ और ‘खान मार्केट गैंग’ जैसे शब्दों का उपयोग किया है।

सन् 2036 के ओलंपिक आयोजन का दावा: भारत सरकार ने सन् 2036 में गुजरात में ओलंपिक खेल आयोजित करने की योजना बनाई है। स्वतंत्रता दिवस समारोह में मोदी ने इस विषय पर चर्चा की। लालकिले से मोदी ने कहा, “सन् 2036 के ओलंपिक के लिए हम मजबूत दावेदारी के साथ आगे बढ़ रहे हैं। सन् 2030 में भारत कॉमनवेल्थ गेम्स भी आयोजित करेगा।”

मोदी ने युवाओं से पिछले वर्षों में कम प्रतिभागिता वाले खेलों में भाग लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “ओलंपिक में लगभग 40 खेल होते हैं और 325-350 प्रतियोगिताएं होती हैं, जिनमें भारत दो-तिहाई खेलों में नजर नहीं आता।” उन्होंने राष्ट्रीय प्रतिभा खोज अभियान (टैलेंट हंट) चलाने की जानकारी दी, जिसमें 5 से 15 वर्ष की उम्र के प्रतिभाशाली बच्चों को विशेष प्रशिक्षण देकर उत्कृष्ट खिलाड़ी बनाया जाएगा।