
इंडोनेशिया में भूकंप: मृतकों की संख्या 47 पहुंची, खोज एवं救援 जारी
31 साउन, लाबुआन बाजो। इंडोनेशिया के पूर्वी क्षेत्र में आए शक्तिशाली भूकंप के बाद रविवार को बचाव दल ने मलबे और भूस्खलन में फंसे लोगों की तलाश तेज कर दी है। इस भूकंप में कम से कम 47 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 100 से अधिक घायल हैं। हजारों लोग विस्थापित हुए हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार मंगराई क्षेत्र में 24 तथा पूर्वी मंगराई में 17 लोगों की मृत्यु हुई है। सिक्का, नगड़ा और एन्डे क्षेत्रों में भी मानवीय क्षति की सूचना है।
फ्लोरेस द्वीप के छह क्षेत्रों में भूकंप के बाद आए भूस्खलन में लोग दबे होने की आशंका के कारण बचावकर्मी खोज जारी रखे हुए हैं। अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार 7.7 मैग्निट्यूड का यह भूकंप पूर्वी नुसा टेंगारा प्रांत के एन्डे से उत्तर-उत्तरी पश्चिम की ओर 68 किलोमीटर दूर केंद्र बिंदु के साथ आया था। भूकंप का केंद्र समुद्र सतह से लगभग 10 किलोमीटर गहरी था। इस भूकंप से फ्लोरेस द्वीप के अधिकांश हिस्से में झटका महसूस हुआ। इसका असर पड़ोसी पश्चिमी नुसा टेंगारा और दक्षिणी सुलेवेसी के कुछ क्षेत्रों में भी देखा गया।
आपदा प्रबंधन एजेंसी के मुताबिक भूकंप से 900 से अधिक घरों के ध्वस्त होने की सूचना है और करीब 450 घरों को क्षति पहुंची है। लगभग पांच हजार लोग अस्थायी आश्रय में रहने को मजबूर हैं। शक्तिशाली परकंप के डर से हजारों लोग रात को खुले में बिताने को मजबूर हुए हैं। स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और चर्च समेत कम से कम 167 सार्वजनिक भवनों को नुकसान पहुंचा है। राहत कर्मी चावल, तैयार भोजन, पीने का पानी, कंबल और दवाइयां वितरित कर रहे हैं। विस्थापितों के लिए आपातकालीन आश्रय स्थल बनाये जा रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि बिजली और संचार सेवाओं को पुनः स्थापित करना तथा भूस्खलन से कटे दुर्गम गांवों तक राहत पहुंचाना बड़ी चुनौती है। लाबुआन बाजो, जो कोमोडो राष्ट्रीय उद्यान के प्रवेश द्वार के रूप में जाना जाता है, भी प्रभावित हुआ है। पहाड़ी भूस्खलन के कारण फ्लोरेस के विभिन्न बस्तियों को जोड़ने वाले लगभग 700 किलोमीटर लंबे ट्रांस-फ्लोरेस राजमार्ग के कुछ हिस्से बंद हो गए हैं।
लाबुआन बाजो की किसान अनास्तासिया इमाद ने बताया कि भूकंप का कंपन बहुत तीव्र और भयावह था। ‘‘परकंप के कारण घर गिरने और हमारे ऊपर मलबा आने का भय था,’’ उन्होंने अपनी क्षतिग्रस्त घर के निकट बने अस्थायी आश्रय से कहा। मंगराई, पूर्वी मंगराई और नगकेओ जैसे कठिन पहुंच वाले क्षेत्रों में बचाव दल रविवार को खोज कार्य पुनः शुरू किए। मुमेरे स्थित खोज एवं救援 कार्यालय के प्रमुख फतुर रहमान के अनुसार अधिकांश भूस्खलन को हटाकर कुछ अलग-थलग पड़े गांवों के साथ सड़क संपर्क बहाल किया गया है। लेकिन संचार और बिजली सेवाओं के बाधित रहने से खोज एवं救援 कार्यों में दिक्कत आ रही है।
सत्र हजार से अधिक द्वीपों वाले इंडोनेशिया प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में आता है जहां सक्रिय ज्वालामुखी और फल्ट लाइनों की वजह से देश भूकंपीय और ज्वालामुखीय घटनाओं के उच्च जोखिम में रहता है। 1992 में फ्लोरेस क्षेत्र में आए शक्तिशाली भूकंप के बाद आया सुनामी करीब 2,500 लोगों की जान ले गया था। 2018 में 7.5 मैग्निट्यूड के भूकंप और उसके बाद आई सुनामी एवं भूस्खलन ने पालु शहर को भारी नुकसान पहुंचाया था, जिसमें लगभग 4,400 से अधिक लोगों की मृत्यु हुई थी। दिसंबर 2004 में इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप के निकट आए 9.1 मैग्निट्यूड के विनाशकारी भूकंप के कारण आई सुनामी से हिंद महासागर क्षेत्र के दर्जनों देशों में करीब 2,30,000 लोगों की मौत हुई थी।