
फ्रांस ने दो ईरानी राजनयिकों को देश निकाला करने का निर्णय लिया
फ्रांस ने शीघ्र ही अपने देश में मौजूद दो ईरानी राजनयिकों को निष्कासित करने का निर्णय लिया है। यह जानकारी फ्रांसीसी विदेश मंत्री जाँ–नोएल बारो ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ के माध्यम से दी है। यह कदम जुलाई में तेहरान में फ्रांसीसी दूतावास के दो कर्मचारियों को ईरानी सुरक्षा अधिकारियों द्वारा गिरफ्तार कर पूछताछ और धमकी दिए जाने की घटना के बाद उठाया गया है। ईरान ने भी उन फ्रांसीसी दूतावास कर्मचारियों को पुनः ईरान लौटने की अनुमति न देने का निर्णय लिया है, जबकि फ्रांस ने ईरानी आरोपों को पूरी तरह से गलत बताया है।
काठमांडू, ३ भदौ। फ्रांस ने दो ईरानी राजनयिकों को अपने देश से निष्कासित करने का निर्णय लिया है। फ्रांसीसी विदेश मंत्री जाँ–नोएल बारो ने मंगलवार को सोशल मीडिया ‘एक्स’ के माध्यम से बताया कि आने वाले कुछ दिनों में उन राजनयिकों को देश निकाला जाएगा।
यह निर्णय जुलाई में तेहरान स्थित फ्रांसीसी दूतावास के दो कर्मचारियों को ईरानी सुरक्षा अधिकारियों द्वारा गिरफ्तार कर पूछताछ और धमकी दिए जाने की घटना के बाद लिया गया। फ्रांस ने इसे कूटनीतिक संरक्षण का उल्लंघन और ‘‘अत्यंत गंभीर तथा पूर्वनिर्धारित’’ घटना बताया था।
ईरान ने भी उन फ्रांसीसी दूतावास कर्मचारियों को फिर ईरान लौटने की अनुमति न देने का निर्णय लिया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने उन कर्मचारियों पर कूटनीतिक संबंधों से जुड़ी वियना कन्वेंशन का उल्लंघन करते हुए ईरानी नागरिक समाज का समर्थन करने वाली गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया है।
हालांकि फ्रांसीसी विदेश विभाग ने ईरान के आरोपों को अस्वीकार करते हुए कहा है कि ये आरोप ‘‘पूरी तरह झूठे’’ हैं। फ्रांस के अनुसार, वे कर्मचारी छात्र, कलाकार और वैज्ञानिकों समेत ईरानी नागरिक समाज को सहयोग देने वाले कार्यक्रम चला रहे थे।
जुलाई २० को विदेश मंत्री बारो ने कहा था कि ईरानी सुरक्षा एजेंसियों ने दो फ्रांसीसी कर्मचारियों को कुछ घंटों तक नजरबंदी में रखा, उनकी पूछताछ की और उनमें से एक के साथ शारीरिक दुर्व्यवहार भी किया गया। उन्होंने इस घटना के गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी थी।
फ्रांस और ईरान के बीच हाल के दिनों में बढ़े तनाव के कारण, राजनयिक निष्कासन का यह निर्णय दोनों देशों के संबंधों को और तनावपूर्ण बनाने का संकेत देता है।