
कानून निर्माण में महिला, कानून और विकास मंच का उत्कृष्ट योगदान
महिला, कानून और विकास मंच ने 31वीं साधारण सभा के अवसर पर आर्थिक वर्ष 2082–083 के कार्यक्रम एवं योजनाओं की प्रगति का सामाजिक परीक्षण किया। सामाजिक परीक्षक संजु केसी ने 1,350 कानूनी परामर्श, 3,511 नागरिकता मामलों में बहस पैरवी, और 16 मामलों में सहजीकरण की जानकारी दी। काठमांडू महानगर के प्रतिनिधि तथा पुलिस अधिकारियों ने महिला, कानून और विकास मंच की नि:शुल्क कानूनी सलाह, नागरिकता सहायता और जन जागरूकता में निभाई गई भूमिका की प्रशंसा की। 5 भदौ, काठमांडू। महिला, कानून और विकास मंच ने 31वीं साधारण सभा के अवसर पर सामाजिक परीक्षण सम्पन्न किया। आर्थिक वर्ष 2082–083 के कार्यक्रम और क्रियान्वित योजनाओं की प्रगति का सामाजिक परीक्षण किया गया। सामाजिक परीक्षक संजु केसी ने बताया कि वार्षिक कार्यप्रगति, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व के मूल्यांकन हेतु संस्थान के नियमित कानूनी प्रक्रियानुसार सामाजिक परीक्षण किया गया।
कार्यक्रम में संस्था द्वारा वर्ष भर किए गए उत्कृष्ट कार्यक्रमों में से एक गत चुनाव का मतदाता शिक्षा कार्यक्रम वीडियो के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। सामाजिक परीक्षण के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए केसी ने बताया कि यह महिला, कानून और विकास मंच की आगामी यात्रा के लिए अवसर प्रदान करता है। इसके द्वारा प्राप्त सुझाव प्रक्रिया, विधि, उद्देश्य, लक्ष्य, रणनीति और नीतिगत पैरवी में सहायता करेंगे। महिला, कानून और विकास मंच ने पिछले वर्ष 1,350 कानूनी परामर्श दिये, 223 संघीय और 43 प्रदेश सांसदों को अभिमुखीकरण प्रशिक्षण दिया, और 3,511 नागरिकता मुद्दों में बहस पैरवी की। साथ ही 6,666 स्थानीय तह प्रतिनिधियों, न्याय क्षेत्र के 11 और 98 संचारकर्मियों को क्षमता अभिवृद्धि प्रशिक्षण दिया गया तथा 16 मामलों में सहजीकरण किया गया, यह जानकारी सामाजिक परीक्षक केसी ने दी।
पांच प्रदेशों के विभिन्न स्थानीय तहों में कानून निर्माण में सहयोग प्रदान करने के साथ ही चुनाव पर्यवेक्षण और महिला अधिकारों के क्षेत्र में कार्यरत परीक्षक केसी ने तथ्यांक प्रस्तुत किए। अनागरिकों की नागरिकता प्राप्ति, महिला अधिकार और सामाजिक क्षेत्र में महिला, कानून और विकास मंच के योगदान की प्रशंसा करते हुए काठमांडू महानगरपालिका वॉर्ड-11 के वॉर्ड अध्यक्ष हीरालाल टंडुकार ने कहा कि कानूनी जटिलताओं में फंसे वंचित वर्ग को संस्था द्वारा दी गई नि:शुल्क कानूनी सलाह से कई लोगों को न्याय मिला है। सामाजिक एवं कानून निर्माण क्षेत्र में महिला, कानून और विकास मंच की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, यह बात काठमांडू महानगरपालिका के सामाजिक विभाग प्रमुख समीक्षा निरौला ने कही। उन्होंने संस्था के प्रशंसनीय कार्यों को याद करते हुए योजना कार्यान्वयन में किए गए प्रयास की सराहना की और आगामी दिनों में और प्रगति की शुभकामनाएं दीं। एंटी ट्राफिकिंग ब्यूरो के पुलिस उपनिरीक्षक बसंत पाठक ने महिला, कानून और विकास मंच के साथ पारस्परिक सहयोग के लिए पुलिस हमेशा तैयार होने की बात कही। उन्होंने कहा कि कानून न जानने पर क्षमा नहीं मिलेगी इसलिए जागरूकता आवश्यक है और समाज में जागरूकता फैलाने में मंच की भूमिका उल्लेखनीय है। कार्यक्रम में अनुपम आलेमगर और कृष्ण थापामगर ने अनागरिक होने से नागरिक बनने तक की सफलता कहानी सुनाई, जिसमें महिला, कानून और विकास मंच की सहायता शामिल थी। महिला, कानून और विकास मंच की सचिव अधिवक्ता लक्ष्मी पोखरेल ने कार्यक्रम के उद्देश्य और सामाजिक परीक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला।