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एआई के इस्तेमाल से अमेरिकी जल व्यवस्था पर साइबर हमलों का खतरा

अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों सीआईएसए, एफबीआई और एनएसए ने जल आपूर्ति और सीवेज सिस्टम को निशाना बनाकर साइबर हमलों में वृद्धि की चेतावनी दी है। अधिकारियों के अनुसार, हैकर्स कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से सुरक्षा में कमजोर सिमेन्स के एस७ प्रोग्रामेबल लॉजिक कंट्रोलर (पीएलसी) उपकरणों की पहचान कर हमले कर रहे हैं। मिनेसोटा और मिशिगन के जल सुविधा केंद्रों पर अनधिकृत पहुंच की घटनाएं सामने आई हैं जबकि अर्कान्सास, जॉर्जिया और न्यू जर्सी के सिस्टम भी निशाने पर हैं।

अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार देशभर पानी आपूर्ति और सीवरेज प्रबंधन प्रणाली को लक्षित साइबर हमलों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। बुधवार को जारी संयुक्त चेतावनी में सिमेन्स के सभी एस७ पीएलसी उपकरणों को खतरे में बताया गया है। ये उपकरण ऊर्जा, जल आपूर्ति, उत्पादन उद्योग और कृषि क्षेत्र में भौतिक प्रक्रियाओं के स्वचालित नियंत्रण के लिए उपयोग किए जाते हैं। एजेंसियों का कहना है कि इन उपकरणों में घुसपैठ से सेवा बाधित होने के साथ-साथ सुरक्षा खतरों के साथ महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंच सकता है।

अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि हानिकारक लोग सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध जानकारी का उपयोग करके एआई द्वारा ‘एक्सप्लॉइट स्क्रिप्ट’ तैयार कर रहे हैं। इस तरह की स्क्रिप्टें पुराने सॉफ्टवेयर पर चलने वाले या पर्याप्त सुरक्षा न होने वाले पीएलसी उपकरणों को खोजकर उन पर हमला करती हैं। सीआईएसए ने इसे अमेरिकी जल आपूर्ति और सीवेज सिस्टम को निशाना बनाए गए व्यापक साइबर गतिविधि का हिस्सा बताया है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में जोखिम अधिक है, अधिकारियों ने बताया।

ऐसे क्षेत्रों में जल प्रणाली बड़े भौगोलिक क्षेत्र को कवर करती है, इसलिए किसी एक सिस्टम में बाधा आने पर कई लोग प्रभावित हो सकते हैं। यह चेतावनी हाल के महीनों में अमेरिकी जल आपूर्तिकर्ताओं और सीवेज सेवा प्रदाताओं पर हुए साइबर हमलों के बाद जारी की गई है। अमेरिकी अधिकारी उन हमलों में से कुछ को ईरान से जुड़ी ह्याकर समूह की सक्रियता से जोड़ते हैं।