
इरान के खिलाफ नए प्रतिबंधों में चीन और रूस अमेरिका के साथ नहीं हैं
८ भदौ, काठमाडौं। अंतरराष्ट्रीय संबंधों के शोधकर्ता मोहसिन फरखानी ने कहा है कि चीन और रूस अमेरिका द्वारा इरान के खिलाफ लगाए गए नए प्रतिबंधों को समर्थन नहीं देंगे। उन्होंने बताया कि अमेरिका अपने सहयोगी देशों को इस प्रतिबंध में शामिल कराना चाहता है लेकिन आवश्यक समर्थन जुटा पाने में असमर्थ रहेगा।
अलजज़ीरा के साथ एक साक्षात्कार में फरखानी ने कहा कि चीन और रूस अमेरिका के प्रतिबंधों में शामिल नहीं होंगे। उनके अनुसार, चीन के लिए इरान एक महत्वपूर्ण आर्थिक साझेदार है क्योंकि इरान चीन को बड़ी मात्रा में तेल निर्यात करता है। प्रतिबंधों के बावजूद, इरान ने विश्व व्यापार के प्रमुख मार्गों में अपना प्रभाव कायम रखा है, खासकर हर्मुज जलसंधि और बाब अल-मंदेब क्षेत्र में इसका व्यापक प्रभाव है।
फरखानी ने कहा कि अमेरिका की सुरक्षा प्रतिबद्धताओं पर क्षेत्रीय देशों का विश्वास कम होता जा रहा है। अमेरिका की क्षमता और विश्वसनीयता अपने सहयोगी देशों को प्रभावकारी सुरक्षा प्रदान करने में घटती जा रही है, यह धारणा बढ़ रही है। इसलिए, अमेरिका द्वारा लगाए गए नए प्रतिबंधों की प्रभावशीलता प्रभावित होगी और चीन तथा रूस जैसे महत्वपूर्ण देशों के शामिल न होने के कारण ये प्रतिबंध एकतरफा और सीमित रहेंगे, उनका दावा है।