
जुम्लाका हेमप्रकाश मञ्जिल ने राष्ट्रीय कविता प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार जीता
भीमफेदी गाउँपालिकाद्वारा आयोजित राष्ट्रिय कविता प्रतियोगितामा जुम्लाका हेमप्रकाश मञ्जिल की कविता ‘छुटेपछि देश’ ने प्रथम स्थान हासिल किया और उन्हें ५० हजार रुपैयाँ का पुरस्कार मिला। सर्लाही के सुमन घिमिरे की कविता ‘म देश कसरी बनाउँ ?’ ने दूसरा स्थान प्राप्त किया जबकि झापा के योगराज पौडेल की ‘मातृगाथा’ कविता तीसरे स्थान पर रही, जिन्होंने क्रमशः ३० हजार तथा २० हजार रुपैयाँ पुरस्कार प्राप्त किए।
तुलसी थापा की स्मृति दिवस के अवसर पर भीमफेदी-२ भैंसे स्थित श्रीकृष्ण माध्यमिक विद्यालय परिसर में उनकी अर्धकद की प्रतिमा अनावरण की गई। ‘छुटेपछि देश’ शीर्षक कविता ने भीमफेदी गाउँपालिका में आयोजित राष्ट्रीय कविता प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया। जुम्ला के गुठचौर गाउँपालिका-४ निवासी हेमप्रकाश मञ्जिल द्वारा रचित इस कविता को ५० हजार रुपैयाँ नगद पुरस्कार सहित प्रथम स्थान दिया गया।
साहित्यकार तुलसी थापा की स्मृति दिवस पर भीमफेदी गाउँपालिका द्वारा आयोजित इस राष्ट्रीय कविता प्रतियोगिता में देशभक्ति, समसामयिक सामाजिक विषयों और मानवीय संवेदनाओं को समेटने वाली कविताएं प्रस्तुत की गईं। प्रतियोगिता में सर्लाही के लालबंदी नगरपालिका-४ निवासी सुमन घिमिरे की ‘म देश कसरी बनाउँ ?’ कविता को द्वितीय स्थान मिला एवं उन्हें ३० हजार रुपैयाँ पुरस्कार प्रदान किया गया। झापा के अर्जुनधारा नगरपालिका-५ के योगराज पौडेल की ‘मातृगाथा’ कविता को तृतीय स्थान दिया गया तथा उन्हें २० हजार रुपैयाँ का पुरस्कार दिया गया।
इस के अतिरिक्त, काठमांडू की चेतना शर्मा की ‘रातो कैंभास’ और कञ्चनपुर के भीमदत्त नगरपालिका-१८ निवासी धीरज नाथ की ‘बगैंचा’ कविताओं को प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किया गया, जिनके लिए प्रत्येक को १० हजार रुपैयाँ की राशि दी गई। पुरस्कार वितरण भीमफेदी गाउँपालिका अध्यक्ष हिदम लामाले द्वारा किया गया। २०१० साल में स्थापित श्रीकृष्ण माध्यमिक विद्यालय में तुलसी थापा ने अध्ययन किया था और बाद में यहां प्रधानाध्यापक के रूप में भी कार्य किया था।