
रूम फ्रेशनर कितने सुरक्षित हैं? उपयोग से पहले ये बातें जानें
समाचार संक्षेप
समीक्षा के बाद तैयार।
- रूम फ्रेशनर घर के अंदर हवा में रासायनिक पदार्थों को जोड़ते हैं, जिनका जोखिम उत्पाद के प्रकार, मात्रा, संपर्क समय, वेंटिलेशन और व्यक्ति की संवेदनशीलता पर निर्भर करता है।
- सुगंधित रसायन ओजोन के साथ प्रतिक्रिया करके फॉर्मैल्डिहाइड, सूक्ष्म कण और अन्य द्वितीयक प्रदूषक उत्पन्न कर सकते हैं, जो अस्थमा रोगियों और संवेदनशील व्यक्तियों में सिरदर्द, खांसी और सांस लेने में कठिनाई का कारण बन सकते हैं।
कमरे में अच्छी खुशबू के लिए स्प्रे, प्लग-इन, ऑटोमेटिक स्प्रे, रिड डिफ्यूज़र, जेल और फ्रेग्रेसेंस बीड्स जैसे रूम फ्रेशनरों का उपयोग बढ़ता जा रहा है। बदबू हटाकर कुछ समय के लिए कमरे को सुगंधित बनाने के कारण ये उत्पाद घरों में रोज़ाना बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किए जा रहे हैं। लेकिन क्या ये उत्पाद घर के अंदर की हवा में किन प्रकार के रसायन जोड़ रहे हैं? लंबी अवधि तक उपयोग से स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ सकते हैं? ऐसे सवाल उठ रहे हैं।
रूम फ्रेशनर के उपयोग से हर व्यक्ति में अनिवार्य रूप से स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने का प्रमाण नहीं है। इसका खतरा उत्पाद में प्रयुक्त रसायनों, उपयोग की मात्रा, संपर्क का समय, कमरे की हवा के आवागमन और व्यक्ति की संवेदनशीलता पर निर्भर करता है। अमेरिकी पर्यावरण संरक्षण एजेंसी के अनुसार कुछ सुगंधित रसायन संवेदनशील व्यक्तियों में अस्थमा जैसी समस्याएं और अन्य प्रतिकूल प्रतिक्रियाएं पैदा कर सकते हैं।
इसलिए रूम फ्रेशनर को पूरी तरह से हानिकारक या बिल्कुल सुरक्षित नहीं बल्कि कम मात्रा में, आवश्यकता के अनुसार तथा पर्याप्त वेंटिलेशन वाले स्थान पर इस्तेमाल करना सही होगा।
रूम फ्रेशनर में क्या होता है?
रूम फ्रेशनर की किस्म के अनुसार इसकी रासायनिक संरचना अलग-अलग होती है। सामान्यतः इनमें खुशबू देने वाले रसायन, एसेंशियल ऑयल, सॉल्वेंट और खुशबू फैलाने वाले अन्य पदार्थ होते हैं। एयरोसोल स्प्रे में प्रोपेलेंट भी इस्तेमाल होता है, जबकि रिड डिफ्यूज़र, जेल और फ्रेग्रेसेंस बीड्स धीरे-धीरे खुशबू फैलाते हैं।
‘नेचुरल’, ‘ग्रीन’ या ‘एसेंशियल ऑयल’ लिखा हुआ उत्पाद भी पूरी तरह रसायन-रहित नहीं होता। एसेंशियल ऑयल में भी वाष्पशील और प्रतिक्रियाशील पदार्थ होते हैं, जो घर के अंदर की हवा के रासायनिक घटकों को प्रभावित कर सकते हैं।
इसलिए सिर्फ लेबल पर ‘नेचुरल’ या ‘लो-भीओसी’ लिखा होना सभी के लिए पूरी तरह सुरक्षित साबित नहीं करता। पर्यावरण संरक्षण एजेंसी के अनुसार ‘लो-भीओसी’ या ‘नो-भीओसी’ लेबल वाले उत्पाद सभी संभावित वाष्पशील रसायनों के स्वास्थ्य प्रभावों के प्रति पूर्ण जानकारी देने की गारंटी नहीं रखते।
सुगंध के साथ अन्य प्रदूषक भी बन सकते हैं
रूम फ्रेशनर से निकलने वाले कुछ सुगंधित रसायन घर के अंदर की हवा में पहले से मौजूद ओजोन के साथ प्रतिक्रिया कर सकते हैं। इस प्रतिक्रिया से फॉर्मैल्डिहाइड, सूक्ष्म कण और अन्य द्वितीयक प्रदूषक बन सकते हैं, जिनका उल्लेख पर्यावरण संरक्षण एजेंसी ने किया है। खासकर चकोतरा या पाइन की खुशबू वाले कुछ उत्पादों के रसायन ऐसी प्रतिक्रिया कर सकते हैं।
साल 2021 में प्रकाशित एक अध्ययन में 15 एयर फ्रेशनर के परीक्षण में पाया गया कि कुछ उच्च उपयोग स्थितियों में एक घंटे के भीतर सूक्ष्म कण की मात्र में काफी वृद्धि हो सकती है। हालांकि सामान्य प्रयोग में दीर्घकालीन जोखिम कम थे, लेकिन अत्यधिक एक्सपोजर से बचने की सिफारिश की गई है।
यह दर्शाता है कि रूम फ्रेशनर का जोखिम केवल उत्पाद के रसायन तक सीमित नहीं बल्कि उपयोग की मात्रा और कमरे की स्थिति पर भी निर्भर करता है।
किसे सबसे अधिक जोखिम हो सकता है?
खुशबू के प्रति संवेदनशील लोगों में रूम फ्रेशनर से सिरदर्द, नाक और गले में जलन, खांसी, छाती में कसाव या सांस लेने में कठिनाई हो सकती है। खासकर जो लोग अस्थमा या अन्य श्वसन संबंधी रोग से ग्रस्त हैं, उन्हें ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। पर्यावरण संरक्षण एजेंसी भी संवेदनशील व्यक्तियों में इस प्रभाव की संभावना को मानती है।
यदि घर में किसी को रूम फ्रेशनर इस्तेमाल के बाद बार-बार सिरदर्द, खांसी या सांस लेने में तकलीफ हो तो इसे केवल ‘खुशबू न पसंद आने’ के रूप में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
बच्चों से विशेष सावधानी
रूम फ्रेशनर के लिक्विड रिफिल, रिड डिफ्यूज़र, जेल और फ्रेग्रेसेंस बीड्स को बच्चों की पहुंच से दूर रखना चाहिए क्योंकि गलती से निगलने, आंखों या त्वचा के संपर्क में आने पर समस्याएं हो सकती हैं।
विशेषकर लिक्विड रिफिल को पानी या पेय पदार्थ की बोतल जैसा दिखने से बचाना चाहिए। उपयोग के बाद बोतल को अच्छी तरह बंद करके सुरक्षित जगह पर रखना अनिवार्य है। यदि कोई बच्चा गलती से रूम फ्रेशनर की तरल पदार्थ निगल ले, तो घरेलू उपाय जैसे उल्टी कराने की बजाय तुरंत पैकेट या लेबल लेकर चिकित्सक या विष नियंत्रण केंद्र से संपर्क करना चाहिए।
प्लग-इन फ्रेशनर उपयोग करते समय
प्लग-इन फ्रेशनर लगातार चलते रहते हैं, इसलिए इससे लंबे समय तक सुगंधित रसायन हवा में निकल सकते हैं। इसलिए कमरे के आकार और पर्यावरण के अनुसार उपयुक्त उत्पाद का चयन और निर्माता के निर्देशों का पालन महत्वपूर्ण है।
प्लग-इन को पर्दे, बिस्तर या आसानी से जलने वाले सामान के पास न रखें। अगर प्लग, तार या उपकरण असामान्य रूप से गर्म हो रहे हैं, खराब या क्षतिग्रस्त दिख रहे हैं तो तुरंत उपयोग बंद करें।
ऑटोमेटिक स्प्रे और एयरोसोल में अतिरिक्त सावधानी
एयरोसोल स्प्रे में ज्वलनशील पदार्थ हो सकते हैं, इसलिए इसे माचिस या खुली आग के पास न इस्तेमाल करें। स्प्रे करते समय कमरे में लोग न हों और बाद में कुछ समय के लिए हवा चलाना अच्छा रहता है। उत्पाद उपयोग के दौरान पर्याप्त ताजी हवा और वेंटिलेशन का ध्यान रखें।
‘बदबू हटाना’ और ‘बदबू ढ़कना’ में फर्क
रूम फ्रेशनर आमतौर पर बदबू के मूल कारण को हटाने की बजाय उसे दूसरी खुशबू से ढकने का काम करते हैं। इसलिए यदि कमरे में लगातार बदबू आ रही हो तो बार-बार फ्रेशनर छिड़कने से पहले उस बदबू के स्रोत को पहचानकर हटाना आवश्यक है।
गंदगी, गीले कपड़े, कूड़ेदानी, नाली, नमी या खराब वेंटिलेशन बदबू के मुख्य कारण हो सकते हैं। असली स्रोत को साफ करना, खिड़कियां और दरवाजे खोलकर हवा का आवागमन बढ़ाना रूम फ्रेशनर के अत्यधिक इस्तेमाल से बेहतर परिणाम देगा।
त्वचा या आंखों में लगने पर क्या करें?
रूम फ्रेशनर त्वचा से लगने पर प्रभावित क्षेत्र को साबुन और पानी से अच्छी तरह धोएं। आंखों में लगने पर साफ पानी से लगातार धोते रहें। जलन, लाली या अन्य परेशानी लंबे समय तक बनी रहे तो चिकित्सक से सलाह लें।
यदि स्प्रे से सांस के जरिए भारी नुकसान हुआ हो और लगातार खांसी, सांस लेने में कठिनाई, छाती में कसाव जैसा कोई लक्षण दिखे तो ताजी हवा वाले स्थान पर जाएं और आवश्यक हो तो चिकित्सकीय सहायता लें।
रूम फ्रेशनर सुरक्षित उपयोग के 7 उपाय
1. कम मात्रा में उपयोग करें: कमरे को खुशबूदार बनाने के लिए ज्यादा स्प्रे करना जरूरी नहीं।
2. वेंटिलेशन रखें: खिड़की-दरवाजे खोलें या हवा का प्रवाह सुनिश्चित करें।
3. लेबल पढ़ें: उपयोग की विधि, चेतावनी एवं भंडारण निर्देशों का पालन करें।
4. बच्चों और पालतू जानवरों से दूर रखें: विशेषकर लिक्विड रिफिल, जेल और बीड्स।
5. आग से दूर रखें: एयरोसोल और ज्वलनशील पदार्थों को खुली आग के पास न रखें।
6. समस्या होने पर उपयोग बंद करें: सिरदर्द, खांसी, आंख या गले में जलन, सांस लेने में तकलीफ होने पर।
7. बदबू के स्रोत को हटाएं: फ्रेशनर से सिर्फ खुशबू ढकने के बजाय गंदगी, नमी या बदबू के असली कारणों को साफ करें।