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धादिङ के 27 तीर्थयात्रियों और बस चालक बाढ़ के बाद लापता, गांव में पसरा सन्नाटा

रसुवा के गोसाइं कुण्ड तीर्थयात्रा में गए धादिङ के 27 तीर्थयात्रियों और बस चालक बुधवार से भीषण बाढ़ के बाद संपर्क विहीन हो गए हैं। बाढ़ से पहले चालक छविलाल श्रेष्ठ ने अंतिम बार कहा था कि “बाढ़ ने गाड़ी बहा दी है, हम छत पर हैं।” यह खबर उनके परिवार को प्राप्त हुई थी। सालबोटे और गैरी टोल के परिचित खोज और बचाव कार्य के लिए प्रयासरत हैं, लेकिन अभी तक कोई भरोसेमंद सूचना नहीं मिली है। 11 भदौ, धादिङ।

रसुवा के गोसाइं कुण्ड तीर्थयात्रा के लिए निकले धादिङ के एक ही क्षेत्र के 27 तीर्थयात्री और बस चालक भीषण बाढ़ के बाद संपर्क विहीन हो गए हैं। वे बुधवार सुबह से संपर्कहीन हैं, जिससे नीलकण्ठ नगरपालिका-9 के सालबोटे और वडा नम्बर 12 के गैरी टोल में गहरा सन्नाटा छाया हुआ है। धादिङबेसी से तीर्थयात्री लेकर रसुवा की ओर जा रही बा 5 ख 1250 नंबर की बस और उसमें सवार चालक और यात्री नुवाकोट के बेत्रावती पहुंचने के बाद संपर्क टूट गया।

पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, बस बुधवार सुबह करीब 9:15 बजे बेत्रावती पहुंची थी। फिर तिब्बती क्षेत्र से भोटेकोसी नदी में आई भीषण बाढ़ के कारण सड़क, पुल और संचार संपर्क बाधित हो जाने के बाद उनसे संपर्क टूटा। अंतिम फोन कॉल में यात्री प्रकाश लम्साल ने कहा था, “बाढ़ ने गाड़ी बहा दी है, हम घर की छत पर हैं।” इसके कुछ समय बाद फोन का सम्पर्क पूरी तरह कट गया।

स्थानीय प्रकाश खनाल के अनुसार, खोज और बचाव के लिए सभी संसाधन और पहुँच का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “अभी तक कहीं से भी विश्वसनीय सूचना नहीं मिली है।” संपर्कहीन तीर्थयात्रियों में नीलकण्ठ नगरपालिका-12 के छविलाल श्रेष्ठ (बस चालक), दयाराम लम्साल, सीता लम्साल, ठाकुर लम्साल, शारदा लम्साल, प्रकाश लम्साल और इंदिरा लम्साल, नीलकण्ठ नगरपालिका-9 के राम लम्साल, जानुका लम्साल, कृष्णप्रसाद खनाल, राधिका खनाल, रामचन्द्र खनाल, भगवती खनाल, शिवहरि लम्साल, गायत्री लम्साल, नारायणप्रसाद लम्साल, सीता लम्साल, राजन लम्साल, न्याउरी लम्साल, सिद्धलेक गाउँपालिका-1 के हरिप्रसाद सिलवाल, बिन्दा सिलवाल, घनश्याम भट्ट, कल्पना भट्ट, नीलकण्ठ नगरपालिका-3 की सीता तिवारी, तुलसी तिमल्सिना और ईश्वरी तिमल्सिना शामिल हैं।