
इजरायली हवाई हमले में दक्षिण लेबनान के 11 लोगों की मौत
२२ भदौ, लेबनान (रासस/एएफपी)। लेबनान के सरकारी संचार माध्यमों के अनुसार दक्षिणी लेबनान के एक गांव में रात भर जारी इजरायली हवाई हमले में दो शिशुओं सहित ११ लोगों की मौत हुई है। इससे पहले हुए अलग-अलग हमलों में भी सात लोगों के मारे जाने की सूचना मिली है। इजरायल ने गुरुवार को हिजबुल्लाह के नियंत्रण वाले रणनीतिक महत्व के ‘अली अल–ताहेर’ पहाड़ी क्षेत्र पर कब्जा करने का दावा करने के बाद दक्षिणी नबातिह क्षेत्र में हमलों को तीव्र कर दिया है। ईरान समर्थित हिजबुल्लाह ने इस दावे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
ईरान समर्थित हिजबुल्लाह द्वारा इजरायल पर हमला करने के बाद मार्च में लेबनान में फिर से द्वंद्व शुरू हो गया था। उस वक्त वाशिंगटन और तेहरान के बीच बनी समझौते और उसी महीने के अंत में इजरायल व लेबनान के बीच हुए रूपरेखा समझौते के कारण लड़ाई कुछ कम हुई थी। लेकिन इजरायल के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को आरोप लगाया कि हिजबुल्लाह ने बार-बार ड्रोन हमले किए हैं और दक्षिण लेबनान में अपनी सैन्य क्षमता का पुनर्निर्माण कर रहा है। मंत्रालय ने कहा कि हिजबुल्लाह ने इजरायल और लेबनान के बीच हुए युद्धविराम समझौते का उल्लंघन किया है।
लेबनान की आधिकारिक नेशनल न्यूज एजेंसी (एनएनए) के अनुसार, नबातिह के पास फार रुम्मान में रात भर चले इस हमले में तीन मंजिला आवासीय भवन ध्वस्त हो गया, जिससे नौ लोगों की मौत हुई। एनएनए ने बताया कि हमले में लक्षित एक वाहन में सवार दो बचावकर्मियों की भी मौत हुई। एएफपी के एक फोटोग्राफर ने बताया कि भवन पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका था और मलबे में स्कूल की किताबें और फर्नीचर के टुकड़े बिखरे हुए थे। सोमवार सुबह बचाव दल मलबा हटाते हुए अन्य पीड़ितों की तलाश कर रहा था।
फार रुम्मान के निवासी जो द्वंद्व के कारण विस्थापित हुए थे, मार्च में हुए युद्धविराम के बाद अपने घर लौटे थे। स्थानीय निवासी फुवाद चाकारोन ने एएफपी को बताया, “हम यहां लौटे हैं पर भय के माहौल में जी रहे हैं।” उन्होंने कहा कि जिस भवन पर हमला हुआ, उसमें “कोई विवादास्पद नहीं, शांतिप्रिय लोग” रहते थे। हमले के बाद पड़ोसी अपने-अपने घर छोड़ कर चले गए थे। एएफपी के फोटोग्राफर ने बताया कि धमाका इतना शक्तिशाली था कि आस-पास के अन्य भवनों को भी नुकसान हुआ। इजरायल ने फार रुम्मान में आक्रमण से पहले कोई चेतावनी जारी नहीं की थी। लेकिन नजदीकी देइर जाहरानी में हुए दूसरे हमले से पहले स्थानीय लोगों को सुरक्षित जगह जाने का आदेश दिया गया था।
इजरायली सेना के अनुसार, उसके सैनिकों को निशाना बनाकर विस्फोटक से लैस ड्रोन हमला किया गया था। सेना ने बताया, “हिजबुल्लाह की आतंकवादी गतिविधियों ने इजरायली रक्षा बल (आईडीएफ) को उनके खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए मजबूर किया है।” इस घटना में किसी इजरायली सैनिक के घायल होने या न होने की जानकारी सेना ने नहीं दी है। सेना ने अरबी भाषा में जारी संदेश में कहा कि वह हिजबुल्लाह के आतंकवादी ठिकानों को निशाना बना रही है और वहां रहने वाले लोग जोखिम में हैं। एनएनए के अनुसार चेतावनी जारी होने के २२ मिनट बाद ही देइर जाहरानी में एक भवन को ध्वस्त कर दिया गया।
आइतवार को लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने इजरायली हमले रोकने के लिए अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद मांगी थी। बेरुत के मुताबिक मार्च से अब तक लेबनान में हुए इजरायली हवाई और जमीनी हमलों में 4,300 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। इजरायली सेना सीमा क्षेत्र में लेबनान के अंदर अपने स्वघोषित सुरक्षा क्षेत्र में लगभग 10 किलोमीटर (6 मील) तक कार्रवाई जारी रखे हुए है।