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सहकारी संस्थाओं को उच्च पदाधिकारी की पहचान विवरण रखने के नए नियम लागू

सरकार ने सहकारी संस्थाओं को ग्राहक पहचान सहित उच्च पदाधिकारियों का विवरण अनिवार्य रूप से रखने का नियम लागू किया है। राष्ट्रीय जोखिम मूल्यांकन रिपोर्ट में सहकारी क्षेत्र में किए जाने वाले धन शोधन के जोखिम को मध्यम से उच्च स्तर का बताया गया है। राष्ट्रीय सहकारी प्राधिकरण ने बैंकों के निर्देशानुसार सहकारी संस्थाओं द्वारा धन शोधन और आतंकवादी वित्तपोषण को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं।

२६ भदौ, काठमाडौं – सहकारी संस्थाओं में धन शोधन की उच्च दर देखे जाने के बाद सरकार ने ग्राहक पहचान सहित उच्च पदाधिकारियों का विवरण रखना अनिवार्य कर दिया है। राष्ट्रीय जोखिम मूल्यांकन रिपोर्ट के अनुसार सहकारी क्षेत्र में धन शोधन का जोखिम मध्यम से उच्च स्तर का है।

नेपाल फाइनेंशियल टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की ग्रे लिस्ट में आने के कारण बाहर निकलने के लिए सरकार ने कई कार्ययोजनाएं प्रस्तुत की हैं। इसी क्रम में तैयार की गई राष्ट्रीय जोखिम मूल्यांकन रिपोर्ट ने सहकारी क्षेत्र के जोखिम कम करने में पहल की है। हाल ही में मलेशिया में हुए ‘फेस टू फेस’ वार्ता में भी सहकारी क्षेत्र को लक्षित कर जोखिम घटाने के उपाय प्रस्तुत किए गए थे।

रिपोर्ट के अनुसार भ्रष्टाचार और अन्य अवैध गतिविधियों से प्राप्त आय कई सहकारी संस्थाओं में जमा हो सकती है, इसलिए बैंक और वित्तीय संस्थाओं के साथ-साथ सहकारी संस्थाओं में भी धन शोधन नियंत्रण का कड़ा प्रावधान लागू किया गया है। राष्ट्रीय सहकारी प्राधिकरण सहकारी क्षेत्र से संभावित धन शोधन और आतंकवादी वित्तपोषण रोकने के लिए सख्त मार्गदर्शन जारी कर रहा है।

प्राधिकरण द्वारा जारी मार्गदर्शन में कहा गया है कि सहकारी संस्थाएं जब नकद आधारित लेनदेन करने वाले सदस्यों के साथ काम करती हैं तो जोखिम अधिक माना जाता है। इस तरह के लेनदेन धन शोधन का जोखिम बढ़ाते हैं, इसलिए सहकारी संस्थाओं को नियंत्रण उपाय, कर्मचारी प्रशिक्षण, तकनीक का उपयोग और जोखिम पहचान क्षमता में सुधार करना होगा।

अधिकांश सहकारी संस्थाएं अभी भी कानूनी और संस्थागत व्यक्तियों के प्रभाव में हैं, जिससे वहां धन शोधन का खतरा बना हुआ है, ऐसा प्राधिकरण ने बताया है। इसी लिए सहकारी संस्थाओं को वित्तीय गतिविधियों के व्यापक नियंत्रण, राजनीतिक रूप से सक्रिय उच्च पदाधिकारियों की संलिप्तता, कानून उल्लंघन कर धन के दुरुपयोग, और धन शोधन कार्यान्वयन तथा निरीक्षण की कमजोरी को सुधारने के निर्देश दिए गए हैं।

मार्गदर्शन के अनुसार, सहकारी संस्थाओं को सदस्यों की ‘ड्यू डिलिजेंस’ लागू करनी होगी। नए सदस्य खाते खोलते समय सदस्य की पहचान अवश्य होनी चाहिए। यदि किसी धन शोधन या आतंकवादी वित्तपोषण का संदेह हो तो उच्च जोखिम वाले लेनदेन या सदस्यों के साथ लेनदेन करते समय ड्यू डिलिजेंस अनिवार्य है। प्रतिबंधित सूची में शामिल सदस्य को तत्काल संयुक्त राष्ट्र संघ की वेबसाइट पर सूचीबद्ध संपत्तियों के आधार पर रोक लगाने का प्रावधान है। रोक लगाने पर सदस्य को पूर्व सूचना नहीं दी जाएगी और तीन दिनों के अंदर प्राधिकरण या सहकारी विभाग को जानकारी देनी होगी।

सहकारी क्षेत्र को संदिग्ध लेनदेन होने पर वित्तीय जानकारी इकाई को तुरंत रिपोर्ट करना होगा। यदि कोई सदस्य नकली नाम से खाता खोलने का प्रयास करता है या गलत जानकारी देता है तो रिपोर्टिंग अनिवार्य होगी। साथ ही, एक ही समय में या बार-बार दैनिक १ करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन को भी संदिग्ध मानकर रिपोर्ट करना होगा।

खाता खोलने में धोखाधड़ी, वित्तीय प्रोफाइल या लेनदेन पैटर्न में असामान्य बदलाव, व्यक्तिगत खाते का व्यावसायिक उपयोग, स्रोत और उद्देश्य छिपाने वाले जटिल कोष हस्तांतरण आदि होने पर भी रिपोर्टिंग जरूरी होगी। संपत्ति विक्रय से प्राप्त धन का बार-बार जमा करना, निष्क्रिय खातों से बड़ी नकद निकासी, चेक बाउंस, बचत खातों में अत्यधिक लेनदेन और संचालक समितियों के सदस्यों के व्यक्तिगत खातों में धन हस्तांतरण को भी संदिग्ध गतिविधि मानकर सूचना देना आवश्यक है।

ऋण भुगतान में अनियमितता, बिना पंजीकरण के घर-जमीन या संपत्ति खरीद के लिए खाते का उपयोग करना भी धन शोधन के संदिग्ध मामलों में आता है और इसकी रिपोर्टिंग आवश्यक है। निर्देशिका का पालन न करने वाले सहकारी संस्थाओं के खिलाफ प्राधिकरण निलंबन से लेकर पंजीकरण निरस्तीकरण तक की कार्रवाई कर सकता है।