
यमन में मानवीय संकट गहरा रहा है, ७६ हजार लोग विस्थापित हुए हैं
२८ भदौ, काठमाडौं । यमन में सशस्त्र समूहों के बीच संघर्ष तेज़ होने से मानवीय संकट गंभीर होता जा रहा है। संघर्ष बढ़ने के साथ ही विस्थापित लोगों की संख्या भी तेज़ी से बढ़ रही है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, जुलाई महीने में ईरान समर्थित हूथी समूह ने सऊदी अरब के नौसैनिक क्षेत्र में नाकाबंदी लगाने के बाद लगभग ७६ हजार लोग विस्थापित हुए हैं। राष्ट्रीय रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले एक सप्ताह में विस्थापितों की संख्या लगभग चार गुना बढ़ गई है।
सरकार समर्थित सेना और ईरान समर्थित हूथी विद्रोहियों के बीच लगातार बढ़ रहे संघर्ष के कारण बड़ी संख्या में लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हैं। विदेशी फारसी मीडिया के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (आईओएम) द्वारा जारी रिपोर्ट में भी यमन में तेज़ी से हो रहे विस्थापन पर चिंता जताई गई है। लोग सुरक्षित स्थान खोजते हुए अपने घर छोड़कर कहीं और जा रहे हैं।
आईओएम के अनुसार, विस्थापन की घटनाएँ विशेष रूप से यमन के पश्चिमी तटीय क्षेत्र और ताइज़ प्रांत में अधिक देखी गई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ताइज़ प्रांत के विभिन्न इलाकों में करीब ८ हजार ३ सौ परिवार विस्थापित हुए हैं, जिनमें लगभग ५० हजार लोग शामिल हैं।