
संयुक्त राष्ट्र महासभा में ट्रम्प का भाषण : क्यूबा और ईरान ने किया बहिष्कार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया है। हाल ही में ट्रम्प ने महासभा को संबोधन किया। उनके भाषण के दौरान विवाद उठने पर ईरानी और क्यूबाई प्रतिनिधिमंडलों ने उनका संबोधन बहिष्कार कर दिया। दोनों देशों के प्रतिनिधि सभाकक्ष से उठकर बाहर चले गए। ट्रम्प ने अपने प्रशासन द्वारा क्यूबा की स्थिति में ‘‘मूलभूत परिवर्तन’’ की कोशिशों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि क्यूबा कम्युनिस्ट शासन के अधीन है और वर्तमान में अत्यधिक दबाव में है। ट्रम्प ने कहा, ‘‘यह पूर्ण रूप से विफल राज्य है। यह सबसे खराब दशा में है और अंततः ढह जाएगा।’’ उन्होंने दावा किया कि अमेरिका में कभी भी कम्युनिज्म नहीं आएगा, लेकिन क्यूबा में स्वतंत्रता जरूर आएगी। ट्रम्प के ये बयान देते समय क्यूबाई प्रतिनिधिमंडल संयुक्त राष्ट्र महासभा से बाहर चला गया।
इसी प्रकार, जब ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ अमेरिका द्वारा की गई सैन्य कार्रवाई का उल्लेख किया, तब भी ईरानी प्रतिनिधिमंडल महासभा के सभाकक्ष से बाहर चला गया। जैसे-जैसे ट्रम्प ईरान पर हुए अमेरिकी सैन्य आक्रमणों का जिक्र कर रहे थे, ईरान के प्रतिनिधि क्रमशः बाहर जाते रहे। अंततः केवल एक निचले स्तर का कर्मचारी सभाकक्ष में बचा। ईरान के राष्ट्रपति मसूद फजेस्कियन तथा विदेश मंत्री अब्बास अराघची वार्षिक महासभा में शामिल होने के लिए न्यूयॉर्क आए थे, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति के संबोधन के दौरान वे मुख्य सभाकक्ष में मौजूद नहीं थे।