
अर्जेंटीन के राष्ट्रपति हावियर मिली ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में फॉकलैंड द्वीप विवाद पर अपनी बात रखी
संयुक्त राष्ट्र संघ की हाल ही में सम्पन्न महासभा में अर्जेंटीन के राष्ट्रपति हावियर मिली ने ब्रिटेन के स्वशासित विदेशी क्षेत्र फॉकलैंड द्वीप (जिसे अर्जेंटीना ‘लास माल्विनास’ के नाम से जानता है) को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया। उन्होंने ब्रिटेन द्वारा फॉकलैंड द्वीप पर अवैध कब्जा करने और तेल उत्खनन परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर कड़ी आपत्ति जताई।
राष्ट्रपति ने कहा, ‘आज ‘सी लॉयन प्रोजेक्ट’ ब्रिटिश अनुमति के तहत उत्तरी माल्विनास बेसिन में अर्जेंटीना के महाद्वीपीय शेल्फ क्षेत्र में तेल उत्खनन का कार्य कर रहा है। अर्जेंटीना ने इस अनुमति को गैरकानूनी और अवैध घोषित किया है।’
उन्होंने बताया कि अर्जेंटीना की अनुमति के बिना ये कार्य अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र के समुद्री कानून संबंधित संधि, तथा अर्जेंटीना के घरेलू कानूनों के अनुसार गैरकानूनी हैं। राष्ट्रपति ने कहा, ‘हमने शांतिपूर्ण, व्यावहारिक और प्रभावकारी तरीके से अपने अधिकारों की रक्षा करने का रास्ता चुना है।’
इसके अलावा, उन्होंने फॉकलैंड द्वीप पर निवास करने वाली जनसंख्या के मुद्दे पर भी अपने देश का दृष्टिकोण पुनः स्पष्ट किया। उन्होंने फॉकलैंड द्वीप में लागू “आत्मनिर्णय के सिद्धांत” को खारिज करते हुए कहा, ‘क्योंकि वहां की आबादी विवादित संप्रभुता वाले क्षेत्र पर कब्जा करने वाली शक्तियों द्वारा बसाई गई है।’