
मिन आङ ह्लाइङ ने सुकी के प्रति उदारता का दावा किया
म्यान्मा के राष्ट्रपति मिन आङ ह्लाइङ ने पूर्वनेता आङ सान सुकी के प्रति स्वयं को ‘अत्यंत उदार’ बताते हुए उनके मामले पर पुनर्विचार की संभावना जताई है। टाइम से बातचीत में उन्होंने कहा कि सुकी को माफ़ी देने का निर्णय “उन्हीं पर निर्भर” होगा और उचित आधार मिलने पर स्थिति में बदलाव हो सकता है। उन्होंने म्यान्मा की अपनी संस्कृति और परंपराओं के अनुरूप लोकतांत्रिक प्रणाली सुनिश्चित करने का भी आश्वासन दिया। ७ असोज, यांगून (म्यान्मा) (रासस/एएफपी)।
मिन आङ ह्लाइङ ने सन् २०२१ में सत्ता से बेदखल कर हिरासत में ली गई पूर्वनेता आङ सान सुकी के प्रति अपनी ‘अत्यंत उदार’ होने का दावा किया है। अमेरिकी पत्रिका ‘टाइम’ को दिए गए साक्षात्कार में उन्होंने सुकी के मामले पर पुनर्विचार किए जाने का संकेत भी दिया। उन्होंने सन् २०२० के चुनाव में होने वाली धाँधली का हवाला देते हुए सुकी की निर्वाचित सरकार को अपदस्थ करने में सेना की भूमिका स्वीकार की थी। तब से सुकी विभिन्न आरोपों में हिरासत में हैं।
अधिकारवादी समूह इन आरोपों को सत्ता नियंत्रण बनाए रखने की रणनीति बताते आए हैं। मिन आङ ह्लाइङ ने कहा, “मैं उनके प्रति अत्यंत उदार हूँ।” उन्होंने कहा कि राजनीतिक स्थिति के और बिगड़ने से रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इस वर्ष अप्रैल में सेना प्रमुख के पद से निवृत्त होकर राष्ट्रपति बने मिन आङ ह्लाइङ पर म्यान्मा की अंतरराष्ट्रीय एकाकीकरण को खत्म करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों की अपेक्षा बनी हुई है।
वहीं, कई देशों ने ८१ वर्षीय सुकी की स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। विश्लेषकों के अनुसार, गृहयुद्ध और सशस्त्र प्रतिरोध के बीच अंतरराष्ट्रीय संबंध सुधारने के लिए मिन आङ ह्लाइङ सुकी की नजरबंदगी में ढील देने की संभावना को तलाश रहे हैं। अगस्त में थाईलैंड यात्रा से पहले उनके कार्यालय ने सुकी और रेडक्रॉस के एक वरिष्ठ अधिकारी के दुर्लभ मुलाकात की तस्वीर जारी की थी। जब माफी के विषय में पूछा गया तो मिन आङ ह्लाइङ ने कहा कि यह पूरा मामला “उन्हीं पर निर्भर” है और पुनर्विचार के लिए उचित कारण दिखे तो स्थिति बदल सकती है।
इससे पहले अप्रैल में उनकी हिदायत पर सुकी को जेल से नेपिडो स्थित नजरबंद में स्थानांतरित किया गया था। सेना के कड़े नियंत्रण वाले चुनाव में सुकी की पार्टी को भाग लेने की अनुमति नहीं मिली थी और असहमत पक्ष के लोगों को जेल में रखने पर आलोचना हुई थी। बाद में स्थापित नागरिक प्रशासन को विश्लेषक सेना के प्रभाव वाले शासन के रूप में देखते हैं। मिन आङ ह्लाइङ ने कहा कि म्यान्मा के सांस्कृतिक, परंपरागत और सामाजिक व्यवहारों के अनुरूप लोकतांत्रिक प्रणाली होना आवश्यक है। उन्होंने टाइम को बताया, “लोकतंत्र के अनेक रूप होते हैं और म्यान्मा अपनी संस्कृति तथा परंपराओं से मेल खाने वाला लोकतांत्रिक मॉडल सुनिश्चित करेगा।”