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रसुवा बाढ़ में लापता ५० से अधिक यूक्रेनी नागरिकों के परिवार अभी भी सूचना की प्रतीक्षा में

नेपाल–चीन सीमा क्षेत्र में २६ अगस्त को आई बाढ़ के बाद ५४ यूक्रेनी सहित कुल ६३६ विदेशी नागरिक अभी भी लापता हैं, यह जानकारी नेपाल सरकार ने दी है। बाढ़ में लापता ३६ वर्षीय ओलेना कालिनिचेंकोसहित ५६ लोगों का समूह तिब्बत के कैलाश पर्वत से काठमांडू होते हुए लौट रहा था। नेपाल सरकार ने अब तक १,४५१ शव बरामद किए हैं और २,०३५ परिवारों से डीएनए नमूने एकत्रित किए हैं, लेकिन पहचान और खोज प्रक्रिया में विलंब को लेकर परिवारों की नाराजगी है। ९ असोज, बैंकॉक (रासस/एपी)।

नेपाल–चीन सीमा क्षेत्र में विनाशकारी बाढ़ आए एक माह बीत जाने के बाद भी ५० से अधिक यूक्रेनी नागरिकों के परिवार अपने परिजनों की स्थिति जानने की उम्मीद में इंतजार कर रहे हैं। ३६ वर्षीय ओलेना कालिनिचेंको ५६ लोगों के समूह में थीं, जिनमें अधिकांश यूक्रेनी नागरिक थे। यह समूह आध्यात्मिक अभ्यास के लिए तिब्बत के कैलाश पर्वत गया था। वे घर लौटते समय चीन से नेपाल की ओर आ रहे थे जब २६ अगस्त को आई बाढ़ ने उन्हें लापता कर दिया। बाढ़ के लगभग १५ मिनट पहले कालिनिचेंको चीन की सीमा चौकी से बाहर निकलते हुए अंतिम बार देखी गई थीं।

नेपाल सरकार के अनुसार बाढ़ में १४०० से अधिक लोगों की जान गई और ६ हजार से अधिक लोग लापता हैं। इनमें से अधिकांश नेपाली क्षेत्र में हैं। नेपाल ने बताया कि ५४ यूक्रेनी सहित कुल ६३६ विदेशी नागरिक अभी भी लापता हैं। चीन ने अपनी सीमा क्षेत्र में २६१ विदेशी नागरिक लापता होने और उनमें एक यूक्रेनी व्यक्ति होने की सूचना दी है। नेपाल ने अब तक १,४५१ शव बरामद किए हैं, लेकिन परिवारों को केवल ११२ शव सौंपे गए हैं।

सरकार ने २,०३५ परिवारों से डीएनए नमूने लिए हैं, लेकिन कितने शवों की पहचान हो चुकी है, इसका विवरण नहीं दिया गया है। बाढ़ के कारण नेपाल की प्रवेश कार्यालय और अभिलेख क्षतिग्रस्त होने की वजह से चीन से निकले कुछ लोग नेपाल पहुंचे या नहीं, इसकी पुष्टि करना मुश्किल हो रहा है। कुछ परिवारों को चीनी अधिकारियों ने सूचित किया है कि उनके परिजन बाढ़ से पहले ही चीनी क्षेत्र से बाहर निकल चुके थे। आध्यात्मिक शिक्षिका इरिना ब्लोन्सकाया के नेतृत्व वाला समूह तिब्बत से बस के द्वारा काठमांडू आकर वहां से अपने-अपने देशों के लिए उड़ान भरने का योजना बना रहा था।

लापता लोगों के परिवारों ने खोज और पहचान प्रक्रिया में देरी को लेकर शिकायत की है। नार्वे में रहने वाली भ्लादिस्लावा होर्लोवा अपनी मां की खोज के लिए यूक्रेनी दूतावास, नार्वेजियन पुलिस और रेडक्रॉस संगठन के संपर्क में हैं। उन्होंने पुलिस को डीएनए नमूना भी उपलब्ध कराया है। विपदा के एक माह बाद भी कुछ परिवारों को अपने जानने वालों के जीवित मिलने की उम्मीद है। कालिनिचेंको के साथी विसिच भी आशावादी बने रहने की कोशिश कर रहे हैं।