
कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री दीपक खड्का गिरफ्तार, जेन जी आंदोलन के दौरान मिली नकदी की जांच शुरू
नेपाल पुलिस ने नेपाली कांग्रेस की नेता एवं पूर्व ऊर्जा मंत्री दीपक खड्कालाई गिरफ्तार किया है। रविवार सुबह गिरफ़्तार किए गए उन्हें शाम को काठमांडू जिला अदालत ने सात दिन की हिरासत में रखकर जांच की अनुमति दी है। गृहमंत्री सुधन गुरुङ ने सोशल मीडिया फेसबुक पर एक पोस्ट के माध्यम से बताया कि भाद्र २४ को हुए आंदोलन के दौरान पूर्व ऊर्जा मंत्री खड्काको आवास से जब्त की गई राशि की जांच के सिलसिले में उन्हें हिरासत में लिया गया है।
गृहमंत्री गुरुङ ने बताया कि वर्तमान में बूढानीलकण्ठ नगरपालिका में रह रहे खड्काको सीआईबी द्वारा जारी आवश्यक गिरफ्तारी वारंट भी अपने पोस्ट में साझा किए हैं। उक्त पोस्ट के अनुसार यह गिरफ्तारी संपत्ति शुद्धिकरण से संबंधित अपराध की जांच के लिए की गई है। नेपाल पुलिस के केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीआईबी) ने भी संपत्ति शुद्धिकरण के मामले में उनकी गिरफ़्तारी की पुष्टि की है। सीआईबी के प्रवक्ता शिवकुमार श्रेष्ठ ने कहा, “गिरफ्तार किया गया है। मेरी भी सभी रिपोर्ट अभी पूरी नहीं हुई है। संपत्ति शुद्धिकरण के मामलों में गिरफ्तारी हुई है।” पुलिस ने अधिक विवरण बाद में देने का आश्वासन दिया है।
जेन जी आंदोलन की जांच के लिए गठित आयोग की सिफारिश के अनुसार पूर्व प्रधानमंत्री केपी ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक को शनिवार को गिरफ्तार किया गया था। जब यह गिरफ्तारी प्रतिशोध के रूप में भाजपा के संस्थागत तौर पर और कांग्रेस के पूर्ण बहादुर नेतृत्व वाले गुट द्वारा विरोध किए जा रहे थे, तभी बालें शाह के पदभार ग्रहण करने के तीसरे दिन पुलिस ने खड्कालाई गिरफ्तार किया। खड्का की पृष्ठभूमि प्रधानमंत्री केपी ओली के नेतृत्व वाली सरकार में ऊर्जा, जलस्रोत एवं सिंचाई मंत्री के रूप में रही है, साथ ही वे जलस्रोत व्यवसायी भी हैं।
प्रतिनिधि सभा सचिवालय में प्रस्तुत अपने व्यक्तिगत विवरण में उन्होंने ‘पर्यटन और जलविद्युत’ समेत विभिन्न क्षेत्रों में वर्षों का अनुभव लिखा है। खड्काले कई जलविद्युत परियोजनाओं में निवेश किया है। वे चीन के निवेश से लगभग २० अरब नेपाली रुपये के बराबर के लाङटाङ भोटेकोशी जलविद्युत परियोजना के प्रमोटरों में से एक माने जाते हैं। स्वतंत्र ऊर्जा उत्पादक संगठन ‘इप्पान’ की वेबसाइट के अनुसार, मञ्चियाम जलविद्युत प्रा. लि. के अंतर्गत संखुवासभा जिले में माथिल्लो पिलुवा एक और दो परियोजनाओं में भी उनकी निवेश राशि है। ऊर्जा मंत्री नियुक्ति के बाद उनके स्वार्थ संघर्ष को लेकर सवाल उठे थे। हालांकि खड्काले कहा था, “मैं ने जो सहयोग के लिए काम किया है, आप देखेंगे कि इससे देश को मदद मिलेगी। यह देश के लिए सहायक होगा और इसे समझना तीव्र और सरल होगा। मेरा लक्ष्य निःस्वार्थ रूप से देश के प्रति जवाबदेह होकर काम करना है और मुझे विश्वास है कि मेरा अनुभव सफल होगा।” भाद्र महीने में हुए जेन जी आंदोलन के दौरान उनके आवास को भी तोड़फोड़ और आगजनी का सामना करना पड़ा था। पिछली प्रतिनिधि सभा चुनाव में वे संखुवासभा से निर्वाचित हुए थे।