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अमेरिका के दो बड़े शहरों में दक्षिण एशियाई मूल के ‘लोकतांत्रिक समाजवादी’ मेयर बनने की संभावना

आगामी ३ नवंबर को होने वाले स्थानीय चुनावों से अमेरिका के दो बड़े शहर, न्यूयॉर्क और लॉस एंजेलिस, को एक ऐतिहासिक कड़ी में जोड़ने की संभावना बढ़ गई है। यदि चुनाव के परिणाम अपेक्षानुसार रहे तो दोनों शहरों का नेतृत्व दक्षिण एशियाई मूल के ‘लोकतांत्रिक समाजवादी’ नेता करेंगे। अमेरिका के सबसे बड़े शहर न्यूयॉर्क में पहले ही लोकतांत्रिक समाजवादी जोहरान ममदानी मेयर के रूप में कार्यरत हैं। वहीं, दूसरे सबसे बड़े शहर लॉस एंजेलिस में भारत में जन्मी शहरी योजनाकार और दो कार्यकाल नगर परिषद सदस्य रह चुकीं नित्या रामन वर्तमान डेमोक्रेटिक मेयर क्यारेन बास को कड़ी चुनौती दे रही हैं।

सन् २०२२ में निर्वाचित बास लॉस एंजेलिस की पहली महिला मेयर हैं। हाल ही में ‘बर्कले आईजीएस / एल.ए. टाइम्स’ द्वारा सितंबर में किए गए जनमत सर्वेक्षण के अनुसार संभावित मतदाताओं में नित्या रामन ३९ प्रतिशत समर्थन के साथ आगे हैं, जबकि वर्तमान मेयर क्यारेन बास को केवल २८ प्रतिशत समर्थन प्राप्त है। इसके अलावा, ३३ प्रतिशत मतदाता अभी भी निर्णयहीन हैं।

विशेष रूप से ३० वर्ष से कम उम्र के युवा मतदाताओं में रामन ६६% से अधिक समर्थन के साथ आगे हैं। साथ ही, पालिसेड्स आग पर मेयर बास की भूमिका को ५६% मतदाताओं ने ‘खराब’ या ‘बहुत खराब’ बताया है। लैटिनो मतदाताओं के बीच रामन को ४५% समर्थन मिला है, जबकि बास के पक्ष में केवल २१% मतदाता हैं। रामन ने अपने ‘लोकतांत्रिक समाजवाद’ को क्रांतिकारी विचारों से अधिक स्थानीय स्तर पर सेवा वितरण से जोड़ते हुए मीडिया से कहा, “अगर मैं और ममदानी देश के दो बड़े शहरों का नेतृत्व करने का अवसर पाते हैं, तो इस सोच से मैं भावुक हो जाती हूं। बचपन में मेरा परिवार भारत में उपलब्ध अवसरों की तलाश में अमेरिका आया था। ट्रम्प प्रशासन के दौरान प्रवासियों के खिलाफ कड़ी नीतियों के बीच लॉस एंजेलिस जैसे शहर में एक प्रवासी के मेयर बनने का स्वागत होना मेरे लिए बेहद मार्मिक क्षण होगा।”

रामन ने आगे कहा, “मेरे लोकतांत्रिक समाजवाद का मकसद केवल धनी और पहुंच वाले वर्गों के लिए काम करने वाली संरचनाओं का विरोध करना है। मैं चाहती हूं कि सरकार आम लोगों के लिए काम करे। मैं इसे ‘सेवर सोशलिज्म’ (सीवर मैनेजमेंट सोशलिज्म) या ‘पोटहोल पॉलिटिक्स’ (सड़क के गड्ढे भरने की राजनीति) कहना पसंद करती हूं।”