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बुढीगण्डकी बाढ़: “अब घर में निश्चिंत होकर सोना मुश्किल है”

नेपाली सेनाले बाढीपछि ९० जना भन्दा बढीको उद्धार गरिएको जनाएको छ

तस्बिरको क्याप्शन, नेपाली सेनाले बाढीपछि ९० जना भन्दा बढीको उद्धार गरिएको जनाएको छ

बुढीगण्डकी नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ के बाद निचले किनारे के रहने वालों में एक नई चिंता बढ़ी है।

रविवार सुबह आए इस आपदा से प्रभावित गोरखा जिले के आरुघाट बाजार के एक जनप्रतिनिधि ने बताया कि अब बाढ़ को लेकर एक नई धारणा बनी है।

आरुघाट वडा नं. ३ के अध्यक्ष टेकबहादुर अधिकारी ने कहा, “पहले हम सोचते थे कि जब भारी बर्फाबृष्टि या बारिश होगी तब ही बाढ़ आएगी। लेकिन यह सच हुआ कि बाढ़ आने के लिए पानी का बड़ा होना जरूरी नहीं है। कहीं पानी नहीं भी गिरा हो, फिर भी इतनी बाढ़ आ गई।”

“अब हमें पता चला कि सर्दी हो या बरसात, कभी भी नदी फट कर बाढ़ ला सकती है। इसलिए लोग अब घर में निश्चिंत होकर सो नहीं सकते।”

आरुघाट-३ के सोती बाजार के पास बुढीगण्डकी द्वारा लाई गई लेदो और भग्नावशेष के कारण सड़क बंद होने के बाद अधिकारी शाम तक सफाई में लगे रहे। उन्होंने बताया कि बाढ़ से प्रभावित लगभग दो दर्जन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की कोशिश जारी है।