
मुख्य सचिव अर्याल का निर्देश: भ्रष्टाचार होने पर पदाधिकारियों को किया जाएगा जिम्मेदार
सरकार ने भ्रष्टाचार, सौदेबाजी या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित निकाय के प्रमुख और मंत्रालय के सचिव को जिम्मेदार ठहराने की चेतावनी दी है। प्रधानमंत्री बालेन शाह के निर्देशन में मुख्य सचिव सुमनराज अर्याल ने सभी सचिवों को भ्रष्टाचार नियंत्रण को प्राथमिकता देने हेतु परिपत्र जारी किया है। मुख्य सचिव अर्याल ने भ्रष्टाचार समाप्त कर सुशासन स्थापित करने के लिए सभी निकायों से आवश्यक प्रयास करने और अनियमितता मिलने पर सूचना भेजने का आदेश दिया है। १९ चैत, काठमांडू।
सरकार ने किसी भी निकाय या कार्यालय में भ्रष्टाचार, सौदेबाजी या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित निकाय के प्रमुख और मंत्रालय के सचिव को जिम्मेदार बनाने की चेतावनी सार्वजनिक की है। मुख्य सचिव अर्याल ने गुरुवार को जारी परिपत्र के माध्यम से भ्रष्टाचार समाप्त करने सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया है। सार्वजनिक निकायों में पाई जाने वाली नीतिगत, संस्थागत और प्रक्रियागत भ्रष्टाचार समाप्त कर सुशासन कायम करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, यह सचिवों को कार्यान्वयन पर ध्यान देने को कहा गया है।
परिपत्र में कहा गया है, ‘मंत्रालय, आयोग, कार्यालय और अधीनस्थ निकायों में सेवा प्रदान, विकास निर्माण, राजस्व प्रशासन, ठेका और खरीद प्रक्रिया में सार्वजनिक पद और अधिकार के दुरुपयोग से होने वाले भ्रष्टाचार को समाप्त कर नागरिकों के अनुभव में सुधार लाने के उद्देश्य से सुशासन और सदाचार स्थापित करने के लिए संबंधित सभी निकायों द्वारा आवश्यक पहल की जानी चाहिए।’ मुख्य सचिव ने अपनी अधीनस्थ निकायों में होने वाले संभावित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर निगरानी रखने का निर्देश दिया है तथा संबंधित सूचना मिलते ही उसे संबंधित निकायों को तुरंत भेजने को कहा है। किसी भी निकाय में अनियमितता या भ्रष्टाचार पाए जाने पर उक्त निकाय या कार्यान्वयन के प्रमुख को प्राथमिक रूप से जिम्मेदार ठहराने की चेतावनी भी मुख्य सचिव ने दी है। मुख्य सचिव अर्याल ने आर्थिक अनियमितता और भ्रष्टाचार रोकने के लिए नीतिगत, कानूनी, संस्थागत और प्रक्रियागत सुधार के सुझाव भी भेजने का अनुरोध किया है।