
ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका के सामने युद्ध को ‘हमेशा के लिए समाप्त करने’ का प्रस्ताव रखा
ईरान ने अमेरिका और इजरायल के साथ जारी युद्ध को स्थायी रूप से खत्म करने के उद्देश्य से पाकिस्तान के माध्यम से शांति प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। ईरान ने अमेरिकी १५ बिंदुओं के प्रस्ताव को अस्वीकार करते हुए अपनी शर्तों पर आधारित दीर्घकालीन समाधान की आवश्यकता जताई है। तेहरान ने क्षेत्रीय संघर्ष समाप्ति, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सुरक्षित आवागमन, पुनर्निर्माण और प्रतिबंध हटाने की मांगों को समेटे हुए शांति संदेश प्रस्तुत किया है।
अमेरिका द्वारा भेजे गए १५ बिंदुओं के प्रस्ताव की लगभग दो सप्ताह तक गहन समीक्षा के बाद ईरानी नेतृत्व ने पाकिस्तान के माध्यम से अपना शांति प्रस्ताव आगे बढ़ाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने के लिए ईरान को मंगलवार तक की समयसीमा दी थी। यदि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलता नहीं है तो ट्रम्प ने ईरान के विद्युत केंद्रों और पुलों को निशाना बनाने की चेतावनी भी दी थी।
मंगलवार की समयसीमा समाप्त होने से एक दिन पहले ईरान ने युद्ध को हमेशा के लिए समाप्त करने का शांति संदेश दिया है। ६ अप्रैल को ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने मध्यस्थता के माध्यम से संदेशों के आदान-प्रदान की पुष्टि की थी। लेकिन उन्होंने यह भी कहा था कि तेहरान ने अमेरिका की १५-बिंदु योजना को अस्वीकार किया है।
आई.आर.एन.ए. के अनुसार, ईरान ने अपने १० अनुच्छेद के जवाब में युद्धविराम की अवधारणा को ‘पिछले अनुभवों’ के आधार पर अस्वीकार किया है। इसके बजाय ईरान ने अपनी शर्तों पर आधारित दीर्घकालीन समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया है। एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान द्वारा प्रस्तुत शांति संदेश के दस्तावेज़ में क्षेत्रीय संघर्ष समाप्ति, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के माध्यम से सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना, पुनर्निर्माण और प्रतिबंध हटाने सहित विभिन्न मांगें शामिल हैं।