Skip to main content
रवि भन्थे– सिंहदरबार खोलौं, बालेनले गरे थप कडाइ – Online Khabar

रवि लामिछाने ने सिंहदरबार सभी के लिए खुला करने का प्रस्ताव रखा, बालेन ने कड़ी पाबंदी लगाई

रास्वपा के सभापति रवि लामिछाने ने २०८१ जेठ में सिंहदरबार सभी के लिए खुला करने का प्रस्ताव रखा था। प्रधानमंत्री बालेन शाह के नेतृत्व में कार्यरत सरकार ने सिंहदरबार प्रवेश पर कड़ी पाबंदी लगाते हुए पत्रकारों और कानूनी व्यवसायियों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। नेपाल बार एसोसिएशन और पत्रकार महासंघ ने सिंहदरबार प्रवेश में लगाई गई रोक के विरोध में इसे आसान बनाने की मांग की है। २५ चैत, काठमांडू।

गृहमंत्री के रूप में कार्यरत रवि लामिछाने ने सिंहदरबार सभी के लिए खोलने का प्रस्ताव दिया था। उन्होंने कहा था, ‘सिंहदरबार में अब किसी को पहचानने की आवश्यकता नहीं होगी। केवल पहचाने जाने के आधार पर पास लेकर काम करने और अपने लोगों के फोन पर ही अंदर जाने की स्थिति को समाप्त करने का प्रयास है।’ तत्कालीन गृहमंत्री लामिछाने के २०८१ जेठ के इस घोषणा को अभी तक लागू नहीं किया गया है, बल्कि आसानी से जाने योग्य जगहों पर विभिन्न बहानों से रोक लगाने के उदाहरण सामने आए हैं।

बुधवार को नेकपा एमाले के सांसद सुहाङ नेम्वाङ ने प्रधानमंत्री तथा मन्त्रिपरिषद् कार्यालय पहुंचकर सिंहदरबार प्रवेश के लिए लगाए गए नए नियमों पर असंतोष जताया। उन्होंने कानून व्यवसायियों के प्रवेश पर लगी पाबंदी हटाने की मांग की। मंगलवार को प्रशासकीय अदालत ने कानूनी व्यवसायियों को नागरिक एप के जरिए अनुमति लेने का निर्देश दिया था। इससे पहले वे नेपाल बार काउंसिल और नेपाल बार एसोसिएशन द्वारा जारी परिचय पत्र दिखाकर प्रवेश पाते थे।

नेपाल बार एसोसिएशन ने एक विज्ञप्ति जारी कर इसका विरोध किया है। महासचिव केदारप्रसाद कोइराला द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘सिंहदरबार परिसर के भीतर प्रशासकीय अदालत समेत कानूनी व्यवसायियों के प्रवेश में कुछ दिनों से बाधा आ रही है, जिसे लेकर बार एसोसिएशन ने संबंधित निकायों को मौखिक रूप से कई बार सचेत किया, पर कोई सुनवाई नहीं हुई।’ नेपाल पत्रकार महासंघ की अध्यक्ष निर्मला शर्मा ने कहा है कि सरकार पत्रकारों को प्रवेश नहीं देकर संविधान द्वारा प्रदत्त लोकतंत्र और जनता के सूचना प्राप्ति के अधिकार का हनन कर रही है।

प्रधानमंत्री तथा मन्त्रिपरिषद् कार्यालय के प्रवक्ता हेमराज अर्याल ने कहा, ‘प्रधानमंत्री कार्यालय जाना पास व्यवस्था से है, कड़ी पाबंदी से नहीं।’ रास्वपा के सहप्रवक्ता रमेश प्रसाईं ने बताया कि पहुंच रोकने या सूचना छिपाने की कोई नीति नहीं है। नेपाल बार ने कानूनी व्यवसायियों के परिचय पत्र के आधार पर सिंहदरबार के भीतर निर्बाध प्रवेश की व्यवस्था करने की मांग की है।

पत्रकारों ही नहीं बल्कि सभी नागरिकों के लिए सिंहदरबार खुला होना चाहिए, इस बात पर महासंघ की अध्यक्ष शर्मा ने जोर दिया है। राष्ट्रीय सूचना आयोग ने वर्ष २०१६ (२०७३ साल) में संविधान और कानून के अनुरूप सिंहदरबार में स्थित सार्वजनिक निकायों को नागरिकों की सूचना पहुंच को सरल और सुगम बनाने का निर्देश दिया था।

जवाफ लेख्नुहोस्

तपाईँको इमेल ठेगाना प्रकाशित गरिने छैन। अनिवार्य फिल्डहरूमा * चिन्ह लगाइएको छ