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पेट्रोलियम पदार्थको मूल्यमा भारी वृद्धि, ग्यासको मूल्य पनि बढ्यो

पेट्रोलियम पदार्थों के दामों में बड़ा इजाफा, गैस के दाम भी बढ़े

नेपाल आयल निगम ने वैश्विक बाजार के दामों में वृद्धि के अनुरूप पेट्रोल के दाम में प्रति लीटर १७ रुपैयाँ और डीजल में २५ रुपैयाँ की वृद्धि की है। नए दामों के अनुसार, पेट्रोल का मूल्य २१६.५० से २१९ रुपैयाँ तक पहुँच गया है जबकि डीजल का मूल्य २०४.५० से २०७ रुपैयाँ तक हो गया है। निगम ने घाटे को कम करने के लिए यह वृद्धि की है, लेकिन इससे लगभग ७ अरब ८१ करोड़ रुपैयाँ के घाटे का सामना करना पड़ सकता है और आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, इस बात की चेतावनी भी दी है।

२६ चैत्र, काठमांडू। नेपाल आयल निगम ने पेट्रोलियम उत्पादों के दामों में वृद्धि की घोषणा की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों के बढ़ने के कारण निगम को भारी घाटा उठाना पड़ रहा था, जिसके चलते नए दाम समायोजित किए गए हैं। इसके तहत पेट्रोल में प्रति लीटर १७ रुपए और डीजल/मट्टीतेल में २५ रुपए की वृद्धि की गई है। अब पेट्रोल के दाम विभिन्न स्थानों पर २१६.५० से २१९ रुपैयाँ तक पहुंच चुके हैं जबकि डीजल/मट्टीतेल का मूल्य २०४.५० से २०७ रुपैयाँ तक निर्धारित किया गया है।

‘कस्टम ड्यूटी और आधारभूत विकास कर समायोजन के बाद भी निगम को साप्ताहिक आधार पर रु. १० अरब २१ करोड़ ९१ लाख का घाटा हो रहा है। इस दौरान निगम को पेट्रोल पर प्रति लीटर रु. १६.६५, डीजल पर प्रति लीटर रु. १०९.५० और एल.पी. गैस पर प्रति सिलेंडर रु. ४१६.३७ का नुकसान हो रहा है। कुल साप्ताहिक घाटा रु. १० अरब २१ करोड़ ९१ लाख तक पहुंचता है’, नेपाल आयल निगम द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है।

‘यदि निगम को ऐसे घाटे लगातार झेलने पड़ते हैं, तो इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन को भुगतान प्रभावित होगा और आपूर्ति प्रबंधन में समस्या उत्पन्न हो सकती है। इसलिए वर्तमान स्थिति में लागत मूल्य के अनुसार वृद्धि न करके, पेट्रोल में प्रति लीटर रु. १७, डीजल/मट्टीतेल में प्रति लीटर रु. २५, एल.पी. गैस में प्रति सिलेंडर रु. १०० तथा आंतरिक हवाई ईंधन में प्रति लीटर रु. ६ की वृद्धि की गई है’, निगम ने बताया है। वर्तमान में १४.२ किलो ग्राम गैस का मूल्य २०१० रुपैयाँ पहुंच गया है, वहीं आंतरिक हवाई ईंधन में प्रति लीटर ६ रुपैयाँ की वृद्धि की गई है। कीमतों में वृद्धि के बावजूद निगम को लगभग ७ अरब ८१ करोड़ रुपैयाँ का साप्ताहिक घाटा होने का अनुमान है। निगम ने घाटे बढ़ने से ईंधन आपूर्ति प्रभावित हो सकने की आशंका जताई है और उपभोक्ताओं से पेट्रोलियम उत्पादों का मितव्ययी उपयोग करने का आग्रह किया गया है।

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