समाचार सारांश
- इरानी अधिकारियों ने जासूसी, दुश्मन देशों के साथ सहयोग और सरकार-विरोधी गतिविधियों के आरोप में 50 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।
- गिरफ्तार किए गए लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है एवं कई संपत्तियां जब्त की गई हैं।
- गिलान प्रांत में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका-ज़ायोनिस्ट आतंकवादी नेटवर्क से जुड़े 102 लोगों को गिरफ्तार किया है।
30 चैत्र, काठमाडौं। इरानी अधिकारियों ने जासूसी, दुश्मन देशों के साथ सहयोग और सरकार-विरोधी गतिविधियों के आरोप में कई व्यक्तियों को गिरफ्तार करने की पुष्टि की है।
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, गिरफ्तार किए गए लोगों के खिलाफ मुकदमा दायर किया गया है और उनकी कई संपत्तियां जफ्त कर ली गई हैं।
इरानी मीडिया की खबरों के अनुसार, रविवार को देश भर में गुप्तचर सूचना के आधार पर एक सगठित नेटवर्क को ध्वस्त किया गया, जो संवेदनशील जानकारियों को दुश्मन तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा था, पुलिस कमांड ने बताया।
इस छापेमारी में 50 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह समाचार सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने जारी किया है।
आरोपियों पर सुरक्षा सेवा आधारभूत संरचना, चेकपॉइंट्स और सुरक्षा बलों के बारे में दुश्मन को जानकारी देने का संदेह है, जिससे उनकी निशाना बनाने की स्थिति बनती थी। आरोपियों से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, सैटेलाइट डिवाइस, हथियार और गोलियां भी जब्त की गई हैं।
इसी प्रकार, गिलान प्रांत में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने हाल की लड़ाई में ‘अमेरिका-ज़ायोनिस्ट आतंकवादी नेटवर्क’ से जुड़े 102 लोगों को गिरफ्तार किया है।
सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि मोसाद से जुड़े चार लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है।

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