
ऊर्जा मन्त्रालय और नेपाल उद्योग परिसंघ के बीच विद्युत् खपत रणनीति निर्माण को लेकर चर्चा
ऊर्जा, जलस्रोत तथा सिंचाइ मंत्री विराजभक्त श्रेष्ठ और नेपाल उद्योग परिसंघ के बीच ऊर्जा क्षेत्र के विकास और उन्नयन के लिए सहयोग को लेकर बातचीत हुई है। मंत्री श्रेष्ठ ने बताया कि सरकार विद्युत् निर्यात और आंतरिक खपत बढ़ाने की प्रक्रिया में लगा हुआ है और निजी क्षेत्र से सुझावों की उम्मीद कर रहा है। परिसंघ के अध्यक्ष वीरेन्द्रराज पाण्डे ने विद्युत् खपत बढ़ाने के लिए नीति बनाने और निजी क्षेत्र को आंतरिक तथा अंतरराष्ट्रीय विद्युत् व्यापार की अनुमति देने का सुझाव दिया है।
सोमवार, १ वैशाख, काठमांडू में हुई इस चर्चा में मंत्री श्रेष्ठ ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र के समग्र विकास के लिए सरकार निजी क्षेत्र के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विद्युत् निर्यात के साथ-साथ आंतरिक खपत को कैसे बढ़ाया जाए, इस पर भी सरकार कार्य कर रही है। जलाशय और नवीकरणीय ऊर्जा के साथ विद्युत् खपत बढ़ाने की रणनीति को सरकार उच्च प्राथमिकता दे रही है। ऊर्जा क्षेत्र के माध्यम से देश के कुल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में योगदान बढ़ाने के लिए निजी क्षेत्र से स्पष्ट सुझावों की अपेक्षा है।
नेपाल उद्योग परिसंघ के अध्यक्ष वीरेन्द्रराज पाण्डे ने विद्युत् खपत बढ़ाने के लिए नीति अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि उद्योगों को आवश्यक ऊर्जा उत्पादन प्रदान कर ‘ह्विलिंग चार्ज’ के माध्यम से प्रसारण करने की नीति लागू की जानी चाहिए। उन्होंने निजी क्षेत्र को आंतरिक एवं अंतरराष्ट्रीय विद्युत् व्यापार की अनुमति देने का भी सुझाव दिया। अध्यक्ष पाण्डे ने संघीय सरकार की स्वीकृति के बाद सर्वे पूरी हो चुके और विद्युत् खरीद समझौता होना शेष सभी परियोजनाओं के साथ तत्काल विद्युत् खरीद समझौतों (पीपीए) पर हस्ताक्षर करने, विद्युत् खपत बढ़ाने वाली नीति बनाने, तथा जीवाश्म ईंधन आधारित उद्योगों को विद्युत् आधारित उपकरणों से प्रतिस्थापित करने के लिए प्रोत्साहन देने का अनुरोध किया। उन्होंने वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर भी ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया।