
नए साल के साथ नेपाली खेलकूद में नई शुरुआत की उम्मीद
नया साल २०८३ नेपाली खेलकूद के लिए केवल कैलेंडर परिवर्तन ही नहीं बल्कि खेलकूद के सोच, नीति, व्यवहार, प्रबंधन सहित विभिन्न क्षेत्रों में सुधार लाने का सुनहरा अवसर होना चाहिए।
नेपाल २०८३ में जापान के आइची नागोया में आयोजित होने वाले २०वें एशियाई खेलों में भाग लेने की तैयारी कर रहा है। लेकिन नेपाल का फुटबॉल राष्ट्रक खेलकूद परिषद् (राखेप) वर्तमान में निलंबित है और फीफा द्वारा निलंबन का खतरा भी नजदीक है। खेलकूद मंत्रालय की जिम्मेदारी शिक्षा, प्रौद्योगिकी तथा विज्ञान मंत्री सस्मित पोखरेल के पास है और इस मंत्रालय को शिक्षा विभाग में शामिल करने की भी चर्चा है।
नए साल २०८३ की शुरुआत के साथ ही समस्त नेपाली लोगों में नई उत्साह, जोश, ऊर्जा और उम्मीद जागी है। हर साल की तरह इस साल भी नेपाली खेलकूद को और बेहतर बनाने की नई उम्मीदें और अपेक्षाएं हैं। हालांकि विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में नेपाल हिस्सा नहीं लेगा, फिर भी इस वर्ष एशिया के ओलंपिक कहे जाने वाले २०वें एशियाई खेल जापान के आइची नागोया में होंगे। यह इस साल नेपाल के लिए सबसे बड़ा खेलकूद प्रतियोगिता होगा।
इस बार एशियन गेम्स में भाग लेने के लिए क्वालिफाइंग मैच खेलना आवश्यक है और रैंकिंग में शामिल होना पड़ेगा जिसके कारण पिछले वर्षों की तुलना में कम खिलाड़ी नेपाल से भाग लेंगे, और इसके लिए सरकार को बजट की व्यवस्था करनी होगी।
अब तक ३२ खेलों के ४०० से अधिक खिलाड़ियों ने २०वें एशियाई खेलों के लिए नामांकन कराया है, लेकिन प्रतिस्पर्धा में कौन-कौन हिस्सा लेगा यह अभी निश्चित नहीं है। राष्ट्रीय खेलकूद परिषद ने स्वर्ण पदक सहित दोहरे अंक में पदक जीतने के लक्ष्य के साथ मिशन २६ शुरू किया था, लेकिन वह भी पूरी तरह निरंतर सक्रिय नहीं है। इस विषय में और विस्तृत चर्चा आवश्यक है।
इसी प्रकार, नेपाल की भागीदारी वाली अन्य बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के विषय में भी चर्चा जरूरी है। एशियाई खेलों के साथ-साथ विभिन्न व्यक्तिगत खेलों में विश्व चैंपियनशिप से लेकर एशियन चैम्पियनशिप तक के टूर्नामेंट में नेपाली खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। नेपाल में लोकप्रिय खेल—क्रिकेट, फुटबॉल और वॉलीबॉल में भी विभिन्न क्षेत्रीय अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी और नेपाल उनकी भागीदारी सुनिश्चित करेगा। क्रिकेट में लिग टू सीरीज से लेकर द्विपक्षीय सीरीज आयोजित की जाएंगी जबकि वॉलीबॉल में काभा रीजन टूर्नामेंट में भी भाग लेने और आयोजन की योजनाएं हैं।
फिर भी फिलहाल फुटबॉल राष्ट्रीय खेलकूद परिषद (राखेप) निलंबित है और फीफा के निलंबन के खतरे में है, जिससे महिला और पुरुष साफ चैंपियनशिप में नेपाल की भागीदारी संकट में है। इसलिए नेपाली फुटबॉल संकट में है और इसे बचाने के लिए सभी संबंधित निकायों का सहयोग आवश्यक है।
२०८२ साल में हुए जेनजी आंदोलन और आम चुनाव के बाद युवा प्रधानमंत्री वलेन्द्र शाह के नेतृत्व में नई सरकार बनी, परन्तु खेलकूद को ध्यान में रखकर विशेष मंत्रालय नहीं बनाया गया। सस्मित पोखरेल को खेलकूद मंत्रालय की जिम्मेदारी भी दी गई है और इसे शिक्षा विभाग में शामिल करने की भी चर्चा है। पोखरेल नेपाल सरकार के प्रवक्ता भी हैं, इसलिए खेलकूद को प्राथमिकता कम मिलती है।
पिछले वर्ष राखेप के सदस्य सचिव टंकलाल घिसिङ के कार्यकाल समाप्त होने के बाद नए सदस्य सचिव नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। फिलहाल खेलकूद मंत्रालय के राम चरित्र मेहता राखेप के कार्यभार संभाल रहे हैं, लेकिन वे कितने समय तक वहां रहेंगे यह भी अनुपस्थित है। इस तरह आज खेलकूद के नेतृत्व में व्यक्ति की कमी साफ दिखती है।
नेपाल ओलंपिक समिति में पिछले वर्षों में देखे गए विवाद आंशिक रूप से तो सुलझे हैं, लेकिन ओलंपिक और एशियन गेम्स जैसी बहु-खेल प्रतियोगिताओं में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सरकार और ओलंपिक समिति के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।
प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर भविष्य के स्टार खिलाड़ी पैदा करने के उद्देश्य से आयोजित राष्ट्रीय खेलकूद दो वर्ष से नहीं हो पाया है। लगभग एक साल पहले सम्पन्न हुए १०वें राष्ट्रीय खेलकूद के बाद ११वें राष्ट्रीय खेलकूद की तैयारी होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक आयोजन की कोई निश्चित तारीख नहीं है। इस वर्ष १०वें राष्ट्रीय खेलकूद का आयोजन भी जरूरी प्रतीत होता है।
नए साल के साथ नए आशा और संकल्प के साथ नेपाली खेलकूद में सुधार लाना आवश्यक है। सही योजना, कुशल नेतृत्व, प्रबंधन, बजट और निवेश प्रबंधन के साथ यह साल नेपाली खेलकूद के लिए विशेष महत्व रख सकता है। नेपाली खेलकूद में प्रतिभा की कमी नहीं है, परंतु सोच, नीति, बजट, पूर्वाधार और दीर्घकालीन योजनाओं के विकास की जरूरत है।
खेलकूद में राजनीतिक हस्तक्षेप और राजनीति संचालन भी एक अन्य चुनौती है। इन सभी विषयों को समझकर और सावधानीपूर्वक काम करना ही नेपाली खेलकूद के लिए बड़ी सफलता का मार्ग खोल पाएगा। साथ ही समग्र संरचना, प्रबंधन, पूर्वाधार और दीर्घकालीन योजनाओं के अभाव के कारण तेज प्रगति संभव नहीं हो पाई है, जिसे सुधारना जरूरी है।
खेलकूद का सच्चा विकास और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्नति के लिए प्रबंधन ढांचा मजबूत और राजनीतिक प्रभावों से मुक्त होना चाहिए। पूरे देश में गुणवत्तापूर्ण खेल पूर्वाधार बनाना और सुधारना पड़ेगा; कई खेल क्षेत्रों में गुणवत्तायुक्त मैदान, प्रशिक्षण केंद्र और आधुनिक उपकरणों की कमी है। खेल प्रशिक्षण और तकनीक में सुधार, आधुनिक तकनीक, डाटा विश्लेषण, खेल विज्ञान और मानसिक तैयारी की आवश्यकता है।
खेलकूद में खिलाड़ियों के सम्मान और सुरक्षा को सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। कई खिलाड़ी अपनी पूरी जिंदगी खेलकूद को समर्पित करते हैं, लेकिन आर्थिक असुरक्षा, स्वास्थ्य बीमा की कमी और भविष्य की अनिश्चितताओं ने उन्हें परेशान किया है। युवाओं को खेलकूद की ओर आकर्षित करना भी जरूरी है, क्योंकि आज के डिजिटल युग में युवा तकनीक पर अत्यधिक निर्भर हो रहे हैं।
नेपाल में खेलकूद को व्यावसायिक बनाने के अवसर बढ़ रहे हैं। क्रिकेट, फुटबॉल, वॉलीबॉल, कबड्डी समेत विभिन्न खेलों में शुरू हुए पेशेवर लीग्स को विस्तार देना आवश्यक है। अंतरराष्ट्रीय संबंध और सहभागिता बढ़ाना खेल विकास में सहायक होगा। नेपाली महिला खिलाड़ी प्रगति कर रही हैं, लेकिन उन्हें अभी भी पर्याप्त अवसर, सुविधाएं और समर्थन नहीं मिला है।
खेलकूद के सतत विकास के लिए निजी क्षेत्र का निवेश अनिवार्य है। कॉर्पोरेट्स को खेलकूद में निवेश करने के लिए नीतियां बनानी होंगी। खेलकूद सिर्फ परिणाम (जीत या हार) नहीं है, बल्कि राष्ट्र की पहचान, गर्व और एकता का माध्यम है। जब नेपाली खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं तो यह व्यक्तिगत नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र का सम्मान और गर्व होता है। इसलिए खेलकूद को राष्ट्रीय प्राथमिकता देना जरूरी है।
नया साल २०८३ सभी नेपाली लोगों के लिए नए संकल्प का अवसर है। नेपाली खेलकूद को नई ऊँचाई पर ले जाने के लिए सरकार, खेल संस्थाएं, खिलाड़ी, प्रशिक्षक, निजी क्षेत्र और सभी नेपाली मिलकर प्रयास करें। आने वाला वर्ष नेपाली खेलकूद के लिए नई उपलब्धियां लेकर आए, नया इतिहास रचे और अंतरराष्ट्रीय मंच पर और चमक बिखेरे। नए साल २०८३ की हार्दिक शुभकामनाएं!!!