
ज्यान और खल्ती दोनों जोखिम में
समाचार सारांश
समीक्षा पश्चात उत्पादित।
- नेपाल में उपचार खर्च के ५४ प्रतिशत रकम नागरिकों को अपनी जेब से खुद ही देना पड़ता है जबकि ३१ प्रतिशत लोग निशुल्क सेवा न मिलने के कारण बड़े अस्पतालों का रुख करते हैं।
- आगामी आर्थिक वर्ष २०८३/०८४ के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय को ४३ अरब २३ करोड़ का बजट सिमित किया गया है, जो पिछले वर्ष से ९ अरब कम है।
- स्वास्थ्य बीमा कार्यक्रम के लिए सरकार ने १२ अरब का बजट आवंटित किया है लेकिन सेवा प्रदाताओं को फागुन मास के अंत तक १६ अरब भुगतान बाकी है।
४ चैत, काठमांडू। संविधान ने नागरिकों को मूलभूत स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित की है, लेकिन व्यवहार में स्वास्थ्य सेवा महंगी और सुविधा से दूर होती जा रही है।
सरकारी प्रतिबद्धता और बजट केवल भाषण तक सीमित रहने के कारण नागरिकों का जीवन और आर्थिक स्थिति दोनों जोखिम में हैं।
सरकारी आंकड़े इस स्थिति को स्पष्ट करते हैं। नेपाल में उपचार के लिए हर १०० रुपए में से ५४ रुपए नागरिकों को अपनी जेब से देने पड़ते हैं।
निशुल्क बताई गई मूलभूत सेवा न मिलने के कारण लगभग ३१ प्रतिशत नागरिक मजबूरन बड़े अस्पतालों का रास्ता अपनाते हैं। राज्य की