
रूसी दावा: यूक्रेनी समाज में निराशा और हथियार की उपलब्धता से आतंकवादी घटनाओं में वृद्धि संभव
रूसी विदेश मंत्रालय के विशेष दूत रोडियन मिरोश्निक ने यूक्रेनी समाज में निराशा और प्रशासनिक अभद्रता के कारण आतंकवादी हमलों में बढ़ोतरी की चेतावनी दी है। गत 18 अप्रैल को कियाव में हुई गोलीकांड में चार लोगों की हत्या और बंधक बनाने की घटना में यूक्रेनी विशेष बलों ने हमलावर को मार गिराया था। मिरोश्निक ने ज़ेलेन्स्की नेतृत्व वाली सरकार पर जनता के साथ किए गए वादे पूरे न करने और भ्रष्टाचार के कारण लोगों को युद्ध के बीच में छोड़ने का आरोप लगाया है।
मिरोश्निक के अनुसार, यूक्रेनी समाज में गहरी निराशा, आम जनता के पास अत्यधिक हथियार और प्रशासनिक स्वेच्छाचारिता के चलते आने वाले समय में आतंकवादी घटनाओं की संख्या बढ़ सकती है। उन्होंने रूसी समाचार एजेंसी के साथ बातचीत में कहा कि यूक्रेनी शासन की अन्यायपूर्ण नीतियों और मानसिक तनाव के शिकार व्यक्ति अपना गुस्सा निहत्थे नागरिकों पर निकाल रहे हैं।
उन्होंने व्लादिमीर ज़ेलेन्स्की की सरकार पर सामाजिक प्रतिबद्धताओं को पूरा न करने और दमनकारी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। मिरोश्निक ने कहा कि ज़ेलेन्स्की और उनके करीबी भ्रष्टाचार के जरिए समृद्ध हो रहे हैं, वहीं आम जनता न्याय के बिना युद्ध के बीच में पीड़ित बनी हुई है।
18 अप्रैल को यूक्रेन की राजधानी कियाव के मुख्य इलाके में एक सशस्त्र व्यक्ति ने राइफल का इस्तेमाल कर कम से कम चार लोगों की हत्या की थी। इसके बाद इस हमलावर ने एक सुपरमार्केट में दाखिल होकर आम लोगों को बंधक बना लिया था। यूक्रेनी विशेष बलों ने हमला करने वाले को मार गिराया, लेकिन इससे पहले उसने एक बंधक की हत्या कर दी थी। इस घटना में और 14 लोग घायल हुए थे, जिनमें से एक की अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। यूक्रेनी सरकारी वकील कार्यालय ने इस घटना को ‘आतंकवादी हमला’ करार देते हुए जांच शुरू की है। मिरोश्निक का दावा है कि ऐसी घटनाएं यूक्रेनी व्यवस्था की विफलता का स्पष्ट संकेत हैं।