
संसद की हर बैठक में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित होगा
प्रतिनिधिसभा नियमावली के अनुसार, प्रत्येक बैठक के पहले एक घंटे में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया जाएगा। प्रश्न पूछने वाले सदस्य को प्रश्न, संबंधित मंत्री तथा नियम ४७ के तहत सदस्य का नाम बताकर सूचना देनी होगी। मौखिक उत्तर के लिए प्रतिदिन २० और लिखित उत्तर के लिए ५० से अधिक प्रश्न सूची में शामिल नहीं किए जाएंगे और प्रश्नों की क्रमांकन पंजीकरण क्रम के अनुसार किया जाएगा। ८ वैशाख, काठमांडू।
संसद की प्रत्येक बैठक में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। प्रतिनिधिसभा नियमावली के नियम ४१ में प्रश्नोत्तर समय से संबंधित प्रावधान उल्लेखित हैं। उपनियम १ के अनुसार, ‘सभापति अन्य आदेश न देने तक, प्रत्येक दिन की पहली बैठक में एक घंटे का समय प्रश्नोत्तर के लिए आरक्षित होगा।’ प्रश्नोत्तर समय के समाप्त होने के बाद बैठक की कार्यसूची के अनुसार अन्य अनुष्ठान शुरू किए जाएंगे। संसद में नेपाल सरकार के कार्यक्षेत्र तथा उत्तरदायित्व के अंतर्गत आने वाले सार्वजनिक महत्व के विषयों पर प्रश्न पूछे जा सकेंगे।
सभा के अधिवेशन के आरम्भ होते ही प्रश्न दर्ज किए जा सकते हैं। प्रश्न पूछने वाले सदस्य को नियमावली में निम्नलिखित विषय साफ़ करनी होगी: (क) पूछने वाला प्रश्न, (ख) प्रश्न से संबंधित मंत्री, और (ग) नियम ४७ के तहत संबंधित सदस्य का नाम। यदि प्रश्न की सूचना एक से अधिक सदस्य देते हैं तो पहला हस्ताक्षरकर्ता ही वह सूचना माना जाएगा। यदि पहला हस्ताक्षरकर्ता अनुपस्थित रहता है, तो क्रम में अगले सदस्य को मान्यता दी जाएगी।
प्रतिनिधिसभा नियमावली के अनुसार एक विषय के लिए एक से अधिक सदस्य द्वारा प्रश्न सूचना देने पर केवल पहली दर्ज की गई सूचना को मान्यता मिलेगी। लेकिन सभा अध्यक्ष प्रश्न पूछने वाले सभी सदस्यों के नाम बैठक में पढ़कर सुनाएंगे। प्रश्न दो प्रकार के होंगे: मौखिक और लिखित। अभिलेख, तथ्यांक सहित उत्तर लिखित रूप में उपलब्ध कराए जाएंगे। मंत्रालय से जवाब प्राप्त होने पर प्रतिदिन मौखिक और लिखित उत्तर हेतु अलग-अलग प्रश्न सूची तैयार की जाएगी, जिसमें अस्वीकार नहीं किए गए सभी प्रश्न शामिल होंगे। हालांकि प्रतिदिन केवल २० मौखिक उत्तर और ५० से अधिक लिखित उत्तर के प्रश्न सूची में सम्मिलित नहीं किए जाएंगे। सूची में एक ही सदस्य के दो से अधिक मौखिक उत्तर प्रश्न शामिल नहीं किए जाएंगे। लिखित उत्तर हेतु सवालों का क्रम प्राप्ति समय और विषयानुसार निर्धारित होगा, जबकि मौखिक उत्तर के प्रश्न दर्ताक्रम के अनुसार क्रमबद्ध किए जाएंगे।