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महान्यायाधिवक्ता नियुक्ति के खिलाफ रिट याचिका पर सर्वोच्च अदालत में प्रारंभिक सुनवाई शुरू

सर्वोच्च अदालत में योग्यता पूरी नहीं करने वाले व्यक्ति को महान्यायाधिवक्ता नियुक्त किए जाने के खिलाफ तीन अलग-अलग रिट याचिकाओं पर प्रारंभिक सुनवाई शुरू हो गई है। न्यायाधीश कुमार रेग्मी की अतिरिक्त पीठ में आठ और पाँच वकीलों ने अलग-अलग रिट याचिकाएं दायर की हैं। महान्यायाधिवक्ता डॉ. नारायणदत्त कँडेल के पास लगातार 15 वर्ष वकालत का अनुभव नहीं होने के कारण उन्हें पद से हटाने की मांग की गई है। 10 वैशाख, काठमांडू।

योग्यता पूरी नहीं करने वाले व्यक्ति को महान्यायाधिवक्ता नियुक्त किए जाने का आरोप लगाते हुए दायर तीन अलग-अलग रिट याचिकाओं की सुनवाई सर्वोच्च अदालत में जारी है। न्यायाधीश कुमार रेग्मी की पीठ में ये सभी याचिकाएं एक साथ सुनवाई की जा रही हैं। वकील माधव बस्नेत, शिवराज बराल समेत आठ वकीलों ने, जबकि वकील दीपकराज जोशी समेत पाँच वकीलों ने अलग-अलग याचिकाएं दाखिल की थीं। प्रारंभ में सर्वोच्च अदालत प्रशासन ने इन याचिकाओं को दायर करने से मना किया था। इसके बाद एकल न्यायाधीश की पीठ ने इस आदेश को निरस्त किया और याचिकाएं दर्ज की गईं।

सर्वोच्च अदालत के न्यायाधीश के बराबर माने जाने वाले महान्यायाधिवक्ता पद के लिए लगातार 15 वर्ष तक वकालत का अनुभव अनिवार्य है। महान्यायाधिवक्ता डॉ. नारायणदत्त कँडेल लंबे समय तक ब्रिटेन में रहकर व्यवसाय कर चुके हैं और उनके पास लगातार 15 वर्ष का वकालत अनुभव नहीं है, जिसके कारण याचिकाकर्ताओं ने उन्हें पद से हटाने की मांग की है।

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