WordPress database error: [Disk got full writing 'information_schema.(temporary)' (Errcode: 28 "No space left on device")]
SHOW FULL COLUMNS FROM `nw_options`

WordPress database error: [Disk got full writing 'information_schema.(temporary)' (Errcode: 28 "No space left on device")]
SHOW FULL COLUMNS FROM `nw_options`

WordPress database error: [Disk got full writing 'information_schema.(temporary)' (Errcode: 28 "No space left on device")]
SHOW FULL COLUMNS FROM `nw_options`

वर्डप्रेस डाटाबेस त्रुटि: [Disk got full writing 'information_schema.(temporary)' (Errcode: 28 "No space left on device")]
SHOW FULL COLUMNS FROM `nw_options`

वर्डप्रेस डाटाबेस त्रुटि: [Disk got full writing 'information_schema.(temporary)' (Errcode: 28 "No space left on device")]
SHOW FULL COLUMNS FROM `nw_options`

ज्ञानेन्द्र शाही की चेतावनी: अध्यादेश लाए तो केपी ओली की स्थिति जटिल होगी – Space4k Television News Update
Skip to main content

ज्ञानेन्द्र शाही की चेतावनी: अध्यादेश लाए तो केपी ओली की स्थिति जटिल होगी

समाचार सारांश राष्ट्रीय प्रजातन्त्र पार्टी के संसदीय दल के नेता ज्ञानेन्द्र शाही ने सरकार से संसद से बचने के बजाय विधायी प्रक्रिया के माध्यम से ही जनता की समस्याओं का समाधान करने का आग्रह किया है। शाही ने चेतावनी दी कि सरकार यदि कानून बनाने के बजाय अध्यादेशों के माध्यम से शासन करने का प्रयास करता है तो उसे गंभीर राजनीतिक परिणाम भुगतने पड़ेंगे। उन्होंने सुकुम्बासी समस्या, भूमिसुधार अधिनियम की अटकित स्थिति और भूमि प्रबंधन जैसे मुद्दों का समाधान संसद के माध्यम से ही कानून बनाकर करने की आवश्यकता जताई। १३ वैशाख, काठमांडू।

राष्ट्रीय प्रजातन्त्र पार्टी (राप्रपा) के संसदीय दल के नेता ज्ञानेन्द्र शाही ने सरकार से संसद से बचने की बजाय विधायी प्रक्रिया से जनता की समस्याओं का समाधान करने का आग्रह किया। रविवार को काठमांडू में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए शाही ने कहा कि यदि सरकार कानून बनाने के बजाय अध्यादेश लाकर शासन करने लगेगा तो उसे गम्भीर राजनीतिक परिणामों का सामना करना पड़ेगा। ‘कानून बनाना संसद का काम है। शायद वे अध्यादेश लाने का सोच रहे हैं, लेकिन यदि ऐसा हुआ तो केपी ओली की स्थिति गंभीर हो जाएगी। संसद होते हुए भी अध्यादेश से काम शुरू न करें,’ शाही ने कहा।

पार्टी के प्रवक्ता भी रहे शाही ने बताया कि संसद जनता की आवाज़ का मंच है और सरकार उसे लागू करने वाली संस्था है। उन्होंने कहा कि जब सरकार मजबूत होती है तो संसद की आवश्यकता और भी अधिक होती है। उन्होंने सुकुम्बासी समस्या, भूमिसुधार अधिनियम की अटकित स्थिति और भूमि प्रबंधन जैसे मुद्दों का समाधान संसद के जरिए कानून बनाकर करने की बात कही। ‘जब सरकार मजबूत होती है तो संसद की महत्ता और बढ़ जाती है क्योंकि हम लोकतांत्रिक व्यवस्था में हैं और कानून बनाना आवश्यक है। अभी सुकुम्बासी समस्या है,’ शाही ने कहा, ‘क्या बिना कानून बनाए सुकुम्बासी का प्रबंधन संभव है? भूमिसुधार अधिनियम अटका हुआ है, है ना? भूमिसुधार अधिनियम किसके द्वारा बनाया जाएगा? राप्रपा की सरकार या कोई और?’

अंतर-सरकारी समन्वय की कमी के कारण संघीय सरकार द्वारा लिए गए कुछ निर्णयों को प्रदेश और स्थानीय स्तर द्वारा लागू नहीं किए जाने पर भी उन्होंने सरकार से इस विषय पर गंभीर होने को कहा। ‘संसद चलाएं। संसद से न बचे। संसद जनता की आवाज़ का मंच है और सरकार इसे लागू करती है,’ उन्होंने कहा।

जवाफ लेख्नुहोस्

तपाईँको इमेल ठेगाना प्रकाशित गरिने छैन। अनिवार्य फिल्डहरूमा * चिन्ह लगाइएको छ