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यलम्बरको सालिक अनावरण कार्यक्रममा प्रशासनले लगायो रोक

यलम्बर की प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम पर प्रशासन ने लगाई रोक

समाचार सारांश

  • जिला प्रशासन कार्यालय खोटाङ ने सुरक्षा चिंताओं के कारण यलम्बर की प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम पर रोक लगाई है।
  • दिक्तेल रुपाकोट मझुवागढी नगरपालिका ने १७ वैशाख को और वाडा कार्यालय ने १८ वैशाख को अलग-अलग तिथियों और मुख्य अतिथियों के साथ प्रतिमा उद्घाटन की योजना बनाई थी।
  • प्रशासन ने दोनों कार्यक्रमों को स्थगित करते हुए हिंसा होने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की बात प्रमुख जिल्ला अधिकारी रेखा कंडेल ने बताई।

१६ वैशाख, खोटाङ। जिला प्रशासन कार्यालय खोटाङ ने सुरक्षा जोखिमों का हवाला देते हुए यलम्बर की प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम पर रोक लगा दी है।

दिक्तेल रुपाकोट मझुवागढी नगरपालिका-१४ बुइपा के पंचरदोबाटो में बनाए गए ११० फुट ऊंचे यलम्बर की प्रतिमा को अलग-अलग तिथियों और समय पर उद्घाटन की तैयारी करने के कारण प्रशासन ने इसे रोक दिया है।

विवाद के बीच दिक्तेल रुपाकोट मझुवागढी नगरपालिका ने १७ वैशाख को और वाडा कार्यालय बुइपा ने उभौली साकेला के दिन १८ वैशाख को यलम्बर की प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम तय किया था, जिसके बाद प्रशासन ने दोनों ही कार्यक्रम स्थगित कर दिए।

जिला समन्वय समिति के उपप्रमुख सुरेश तामांग की अध्यक्षता में आज हुई सर्वपक्षीय बैठक के निर्णय के अनुसार प्रशासन ने विवादित कार्यक्रम में हस्तक्षेप किया है।

प्रमुख जिल्ला अधिकारी रेखा कंडेल ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच दंगा होने की संभावना को ध्यान में रखते हुए प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम पर रोक लगाई गई है। प्रशासन द्वारा जारी सूचना में शांति-सुरक्षा, सामाजिक सौहार्द और एकता को ध्यान में रखते हुए दोनों कार्यक्रम स्थगित करने के निर्देश दिये गए हैं।

वाडाध्यक्ष दिनेश राई प्रतिनिधि सभा सदस्य हर्क साम्पाङ को मुख्य अतिथि बनाकर यलम्बर की प्रतिमा उद्घाटन करने की तैयारी में हैं। नगरपालिका ने कोशी प्रदेश के पर्यटन, वन तथा वातावरण मंत्री भीम पराजुली और किरात राई यायोक्खा के केंद्रीय अध्यक्ष जीवन हाताचो की मौजूदगी में उद्घाटन करने का ऐलान किया था।

राजनीतिकरण के कारण एक ही प्रतिमा उद्घाटन के लिए अलग-अलग तिथियां और प्रमुख अतिथियों के नाम रखने के चलते कार्यक्रम विवादित हो गया है। दर्जनों कब्रों के ऊपर स्थापित इस प्रतिमा उद्घाटन को नगर और वाडा कार्यालय के बीच ‘जंग’ बना देने के कारण आपसी द्वंद्व पैदा हो गया है। वाडाध्यक्ष राई ने तो १८ वैशाख के कार्यक्रम को न स्थगित किए जाने का ‘स्टेटस’ भी जारी किया है।

कोशी प्रदेश के ७० प्रतिशत और दिक्तेल रुपाकोट मझुवागढी नगरपालिका के ३० प्रतिशत हिस्सेदारी में करीब ११ करोड़ ५८ लाख की लागत से बुइपा में यलम्बर की प्रतिमा समेत पार्क निर्मित हुआ है। ३० रोपनी से अधिक सरकारी जमीन पर स्थापित यह प्रतिमा यलम्बर की सबसे ऊंची और बड़ी बताई जाती है। लेकिन उद्घाटन में विवाद के कारण निर्माण पूरा हुए एक साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी यलम्बर पार्क का उद्घाटन नहीं हो पाया है।

कोशी प्रदेश के मुख्यमंत्री हिकमत कार्की की प्रमुख आतिथ्य में २०८२ जेठ १८ गते यलम्बर पार्क का उद्घाटन करने की तैयारी थी, लेकिन प्रदेश के नामकरण को लेकर असंतुष्ट पहचान समूह के विरोध के कारण कार्यक्रम को रोक दिया गया था।

उमा तुवाचुङ अन्सुवी ज्वाइंट वेंचर ने यलम्बर पार्क का निर्माण किया है। इस कंपनी ने २०७८ असार २८ गते ठेका समझौता किया था। आर्थिक वर्ष २०७५/७६ में नगरपालिका ने आवंटित ७२ लाख रुपये से बुइपा में पार्क के प्राथमिक चरण के कार्य शुरू किए थे। यलम्बर की प्रतिमा तथा यलम्बर पार्क का २०७८ कार्तिक ३ गते तत्कालीन मेयर दीप नारायण रिजाल और उपमेयर बिनादेवी राई ने भूमिपूजन किया था।

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