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मजदूरों के अधिकारों पर हो रहे हमलों के खिलाफ मजबूत आंदोलन करेंगे: अध्यक्ष सिंखड़ा

अखिल नेपाल ट्रेड यूनियन महासंघ के अध्यक्ष जगतबहादुर सिंखड़ ने मजदूरों के अधिकारों पर हो रहे हमलों के खिलाफ मजबूत आंदोलन करने की चेतावनी दी है। उन्होंने श्रम कानून के मजदूर विरोधी धारा १४५, १०९, ३९ और ५८ को तुरंत हटाने की सरकार से मांग की है। बढ़ती महंगाई और पेट्रोलियम कीमतों में वृद्धि के कारण न्यूनतम मजदूरी से जीवनयापन करना मुश्किल हो गया है, इस संदर्भ में वे वेतन वृद्धि और गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा-स्वास्थ्य की गारंटी की भी मांग कर रहे हैं।

सिंखड़ ने १३७वें अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में नेपाल में लोकतांत्रिक आंदोलन में मजदूर वर्ग के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा, “जिस वर्ग ने अपनी जान की बाज़ी लगाकर संघीय लोकतांत्रिक गणराज्य की स्थापना की, आज वही मजदूरों के अधिकारों पर दक्षिणपंथी शक्तियां लोकप्रियतावाद का आवरण पहनाकर डोजर चला रही हैं।”

सिंखड़ ने यह भी जोर देकर कहा कि विदेश में नौकरी करने वाले मजदूरों के लिए मुख्य रोजगारदाता राज्य ही होना चाहिए और उनकी सुरक्षा के लिए सरकार को पूरी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने डिजिटल अर्थव्यवस्था और ‘गिग इकॉनमी’ के नाम पर मजदूरों को आधुनिक दास बनाने का प्रयास होने की चिंता व्यक्त की तथा राइडर, ऑनलाइन विक्रेता और आउटसोर्सिंग में कार्यरत मजदूरों को श्रम कानून के दायरे से बाहर रखकर मालिक रहित बनाने की साजिश का खुलासा किया।

अध्यक्ष सिंखड़ ने मजदूर विरोधी श्रम कानून की धाराओं को समाप्त करने की मांग करते हुए कहा कि आने वाला आंदोलन केवल उद्योग और कारखानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सड़कों, संसद और डिजिटल प्लेटफार्मों तक फैल जाएगा।

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