
सरकार ने स्वास्थ्य प्रतिष्ठान और अस्पतालों में कार्यवाहक नेतृत्व की नियुक्ति की
सरकार ने स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान एवं अस्पतालों में पूर्णकालीन नेतृत्व चयन न होने तक कार्यवाहक जिम्मेदारी सौंप दी है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने पाटन, पोखरा, कर्णाली सहित अन्य प्रतिष्ठानों में प्रो.डा. और डॉक्टरों को अल्पकालीन जिम्मेदारी सौंपी है। मंत्रालय ने जल्द ही खुली प्रतिस्पर्धा और मेरिट के आधार पर पूर्णकालीन नेतृत्व चयन की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर रही है।
२४ वैशाख, काठमांडू। सरकार ने स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान और कुछ अस्पतालों में कार्यवाहक जिम्मेदारी सौंपी है। स्वास्थ्य मंत्री निशा मेहताकी सचिवालय के अनुसार, कार्यवाहक नियुक्ति आवश्यक कार्यों में रुकावट न आए इस उद्देश्य से अस्थायी रूप से की गई व्यवस्था है। पूर्णकालीन नेतृत्व चयन न होने तक मंत्रालय ने पाटन स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान में प्रो.डा. समिता पंत, पोखरा स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान में डा. नरेन्द्र विक्रम गुरुङ, कर्णाली स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान में सह-प्रो.डा. विनम्र विष्ट को कार्यवाहक जिम्मेदारी दी है।
इसी प्रकार, बीपी कोइराला स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान (धरान) में सह-प्रो.डा. इन्द्र लिम्बू, राप्ति स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान में सह-प्रो.डा. सुरेश रसाइली, बीपी कोइराला मेमोरियल कैंसर अस्पताल में डा. उमेश नेपाल, शहीद गंगालाल राष्ट्रीय हृदय केंद्र में सह-प्रो.डा. रविन्द्रभक्त तिमलालाई जिम्मेदारी सौंपी गई है। स्वास्थ्य बीमा बोर्ड में भी शकुंतला प्रजापतिलाई कार्यवाहक जिम्मेदारी दी गई है, यह जानकारी मंत्री मेहताकी सचिवालय ने दी है।
सचिवालय के अनुसार, स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार लाने और योग्य नेतृत्व चुने जाने के लिए कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जल्द ही खुली प्रतियोगिता का आयोजन कर मेरिट के आधार पर पूर्णकालीन नेतृत्व चयन की प्रक्रिया तेज की जाएगी। सरकार की स्पष्ट नीति और निर्देश है कि नेतृत्व चयन केवल खुली प्रतिस्पर्धा और मेरिट के आधार पर होगा। हाल ही में जारी सार्वजनिक पदाधिकारियों के पदमुक्ति सम्बन्धी विशेष प्रावधानों के अध्यादेश के कारण ये स्वास्थ्य निकाय नेतृत्वविहीन रह गए थे। नेतृत्व न होने से रोगियों के उपचार, दैनिक सेवा प्रवाह और प्रशासनिक कार्यों में कोई व्यवधान न आए, इसके उद्देश्य से मंत्रालय ने तत्काल कार्यवाहक प्रमुखों की नियुक्ति की है।