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मधेशमा उपभोक्ता समितिबाट कार्यान्वयन हुने योजनामा चलखेल, कर्मचारीकै सरुवा

मधेश में उपभोक्ता समिति की योजनाओं में अनियमितता और कर्मचारी तबादले का मामला

पर्यटन विकास कार्यालय गौर ने १४ वैशाख को प्रशासनिक कारणों से उपभोक्ता समिति से संबंधित सभी पत्रों को रद्द करने की सूचना जारी की है। कार्यालय प्रमुख बबिता जैसवाल ने अनधिकृत रूप से दो दर्ता चलानी सहित उपभोक्ता समिति के पत्र वितरण किए जाने की जानकारी दी। रौतहट से कांग्रेस सांसद नागेन्द्र साह ने अपने निर्वाचन क्षेत्र की योजनाओं को पारदर्शी प्रतिस्पर्धा के माध्यम से लागू करने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय और सम्बंधित मंत्रालयों को पत्र भेजा है।

१४ वैशाख को जारी उपभोक्ता समिति गठन से जुड़े सभी पत्रों को रद्द करने की घोषणा की गई है। जैसवाल ने कहा, “पूर्व के सभी पत्र प्रशासनिक एवं तकनीकी कारणों से अब मान्य नहीं हैं, इसलिए कोई भी कार्य न करें।” उन्होंने अनधिकृत वितरण और धोखाधड़ी के कारण इन पत्रों को रद्द किया गया होने की बात स्पष्ट की।

मधेश प्रदेश सरकार के उद्योग, वाणिज्य तथा पर्यटन मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले पर्यटन विकास कार्यालय गौर का क्षेत्र रौतहट और सर्लाही जिले में आता है। रौतहट पर्यटन कार्यालय के अंतर्गत ७०० से अधिक योजनाएं चल रही हैं। हालांकि, मधेश के सभी निकाय उपभोक्ता समिति से जुड़ी अनियमितताओं और धोखाधड़ी से मुक्त नहीं हैं, जिससे मधेश प्रदेश की व्यापक रूप से बदनामी हो रही है।

रौतहट के सांसद नागेन्द्र साह ने कहा, “बजट कम होने के बावजूद टेंडर प्रक्रिया पूरी करें, ठेकेदार कम दाम में काम करने को तैयार हैं।” उन्होंने कहा कि मधेश सरकार की कई योजनाएं अभी तक लागू नहीं हो सकी हैं और बजट की कमी को बहाना बनाकर काम रोकना ठीक नहीं है।

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