स्थानीय तहलाई आशिकाको जवाफ: स्थानीय स्वायत्तता प्राकृतिक स्रोत दोहन की अनुमति नहीं
६ चैत, काठमाडौं। राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) के धादिङ–१ से निर्वाचित प्रतिनिधि आशिका तामाङ ने स्थानीय स्वायत्तता को प्राकृतिक स्रोतों के दोहन का लाइसेंस न होने पर प्रतिक्रिया दी है। धादिङ के १३ स्थानीय तहों द्वारा शुक्रवार को जारी संयुक्त वक्तव्य के फेसबुक माध्यम से जवाब देते हुए आशिका ने अपनी राय व्यक्त की।
उन्होंने लिखा, ‘धादिङ के १३ स्थानीय सरकारों के प्रमुखों द्वारा हाल ही में जारी संयुक्त विज्ञप्ति ने मेरा गंभीर ध्यान आकर्षित किया है।’ उन्होंने कहा, ‘विज्ञप्ति में संविधान की धारा २३२(१) का हवाला देते हुए सहकारिता और समन्वय की बात की गई है। लेकिन विडंबना यह है कि समन्वय के नाम पर प्रचलित कानून और सम्मानित सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों को ठोस चुनौती दी गई है।’
आशिका ने इसके बाद संविधान, कर प्रणाली, अदालत के आदेश और पर्यावरण न्याय के आधार पर चार बिंदुओं में अपनी राय प्रस्तुत की। पहले बिंदु में उन्होंने ‘समन्वय’ का कोई स्पष्ट सेटिंग न होने का उल्लेख करते हुए संविधान की धारा २३२ का मर्म बताया कि ‘संघीय कानून का उल्लंघन करके, पर्यावरणीय मानकों की अनदेखी करते हुए और नदियों की हृदयस्थली को नष्ट करके किया गया दोहन बिलकुल अस्वीकार्य है।’
उन्होंने कहा, ‘स्थानीय स्वायत्तता का अर्थ स्वतंत्र राज्य नहीं है, बल्कि यह संविधान की सीमा के भीतर रहकर जनता की सेवा का अधिकार है।’
दूसरे बिंदु में कर के विषय को और तीसरे बिंदु में सर्वोच्च अदालत के आदेश एवं २०७७ के मापदंडों के संदर्भ में आशिका ने कहा, ‘यदि ये मापदंड पूरा नहीं होते हैं तो वे सभी अवैध हैं और उनका संरक्षण देना अदालत की अवमानना है।’
उन्होंने प्रश्न किया, ‘क्या कर वसूलने का अधिकार होने के कारण संविधान का उल्लंघन किया जा सकता है? क्या सम्मानित सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना की जा सकती है?’ आशिका ने कहा, ‘म खुशी महसूस करती हूं कि मेरे विरुद्ध बोलने और प्रतिवाद करने के लिए आप १३ स्थानीय तहों के प्रमुख एकजुट हुए हैं। अब आप इसी तरह धादिङ को विकासशील और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए भी एकजुट हों।’