
दो ‘चार्म क्वार्क’ वाले नए उप-परमाण्विक कण की खोज
समाचार सारांश
संपादकीय समीक्षा पश्चात तैयार।
- जेनेवा स्थित सर्न के लार्ज हेड्रॉन कोलाइडर में एक नया उप-परमाण्विक कण पाया गया है जो दो चार्म क्वार्क और एक डाउन क्वार्क से बना है।
- इस नए कण का द्रव्यमान प्रोटॉन की तुलना में चार गुना अधिक है और इसका जीवनकाल पिछले कणों की तुलना में छह गुना कम है।
- 2023 में एलएचसीबी डिटेक्टर के उन्नयन के बाद खोजा गया यह पहला कण है, जो स्ट्रांग फोर्स और क्वांटम क्रोमोडायनामिक्स को समझने में मदद करेगा।
जेनेवा में स्थित यूरोपीय परमाणु अनुसंधान संगठन (सर्न) के ‘लार्ज हेड्रॉन कोलाइडर’ (एलएचसी) पर कार्यरत वैज्ञानिकों ने एक नया उप-परमाण्विक कण खोजा है।
मोरियोन्ड सम्मेलन में प्रस्तुत इस अध्ययन से पता चला है कि यह नया कण दो ‘चार्म क्वार्क’ और एक ‘डाउन क्वार्क’ से मिलकर बना है। इसका संरचनात्मक सिद्धांत हमारे शरीर और ब्रह्माण्ड की रचना में मुख्य भूमिका निभाने वाले ‘प्रोटॉन’ से मिलता-जुलता है, हालांकि इसका द्रव्यमान प्रोटॉन से चार गुना अधिक है।
वैज्ञानिकों के अनुसार 2023 में एलएचसीबी डिटेक्टर के उन्नयन के बाद यह पहला नया कण है जो खोजा गया है। इस खोज के साथ लार्ज हेड्रॉन कोलाइडर से अब तक खोजे गए कुल कणों की संख्या 80 हो गई है।
2017 में भी एक इसी तरह का कण खोजा गया था, लेकिन उसमें ‘डाउन क्वार्क’ की जगह ‘अप क्वार्क’ था। इस नए कण की आयु पिछले कण की तुलना में छह गुना कम होने के कारण इसे खोज पाना बेहद चुनौतीपूर्ण था।
यह खोज ब्रह्मांड में कणों को जोड़ने वाली स्ट्रांग फोर्स और क्वांटम क्रोमोडायनामिक्स के सिद्धांतों को और भी गहराई से समझने में वैज्ञानिकों की मदद करेगी।