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नेपाल बार एसोसिएशन ने सर्वोच्च अदालत में याचिकाओं का पंजीकरण नहीं करने को न्याय में बाधा बताया

नेपाल बार एसोसिएशन ने सर्वोच्च अदालत में प्रस्तुत याचिकाओं को पंजीकृत किए बिना खारिज किए जाने की गतिविधि की ओर ध्यान आकर्षित कराया है। बार ने इस प्रकार के कार्य को न्याय में बाधा मानते हुए तत्काल याचिकाओं को पंजीकृत करने और खारिज के खिलाफ याचिकाओं का उचित निस्तारण करने की मांग की है। ३० वैशाख, काठमांडू।

नेपाल बार एसोसिएशन ने बुधवार को जारी एक विज्ञप्ति में उल्लेख किया है कि कुछ दिनों से सर्वोच्च अदालत में प्रस्तुत याचिकाओं को खारिज किया जा रहा है और इसके खिलाफ याचिकाओं को पंजीकृत नहीं किया जा रहा है। सर्वोच्च अदालत के प्रशासन द्वारा कुछ याचिकाओं को न पंजीकृत करने और न ही खारिज किए जाने के कारण मौनता अपनाए जाने पर बार ने इसे न्याय में बाधा मानते हुए आपत्ति जताई है। इसलिए बार ने याचिकाओं को तुरंत पंजीकृत करने और खारिज के खिलाफ याचिकाओं का न्यायिक समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है।

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