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सी जिनपिंग ने ट्रम्प को याद दिलाया ‘थुसिडाइड्स ट्रैप’ क्या है?

चीन के राष्ट्रपति ने संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन के बीच संबंधों में ‘थुसिडाइड्स ट्रैप’ से बचने की सलाह दी है। सी जिनपिंग ने प्राचीन एथेंस और स्पार्टा के बीच युद्ध का उदाहरण देते हुए दो शक्तियों के बीच संघर्ष की संभावना पर प्रकाश डाला। बीते गुरूवार बीजिंग में अमेरिका और चीन के नेताओं के बीच हुई बैठक में सी ने अमेरिका के साथ संबंधों में ‘थुसिडाइड्स ट्रैप’ से बचने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि तत्कालीन राष्ट्रपति ट्रम्प ताइवान पर चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकने की कोशिश करेंगे तो बीजिंग और वाशिंगटन ‘अत्यंत जोखिमपूर्ण मोड़’ पर पहुंच सकते हैं।

‘थुसिडाइड्स ट्रैप’ का नाम प्राचीन एथेंस के जनरल थुसिडाइड्स से लिया गया है। उन्होंने इसा पूर्व 431 से 404 तक चले ‘दूसरे पेलोपोनेसियन युद्ध’ का विवरण लिखा, जिसे विश्व का पहला लिखित सैन्य इतिहास माना जाता है। थुसिडाइड्स ने तर्क दिया था कि एथेंस और स्पार्टा के बीच युद्ध का मुख्य कारण एक स्थापित शक्ति (स्पार्टा) के लिए उभरती शक्ति (एथेंस) का ‘खतरा’ था। कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के क्लासिकल विद्वान डैनियल सटन ने गुरूवार को कहा, ‘जब एक स्थापित महाशक्ति और उभरती शक्ति आमने-सामने आती हैं, तो संघर्ष अपरिहार्य नहीं लेकिन संभावित है।’

सी जिनपिंग और उनके वरिष्ठ कूटनीतिज्ञ दशकों से इस अवधारणा का बार-बार उल्लेख करते रहे हैं। हालांकि, उन्होंने इसे अटल नियति के रूप में नहीं बल्कि ‘चेतावनीपूर्ण कथा’ के रूप में प्रस्तुत किया है। वर्ष 2015 में पूर्व विदेश मंत्री हेनरी किसिंजर ने कहा था, ‘दुनिया में ‘थुसिडाइड्स ट्रैप’ नाम की कोई वस्तु वास्तव में मौजूद नहीं है।’ लेकिन गुरूवार को सी की दृष्टि में इस विषय का गहरा प्रभाव दिखा। उन्होंने राष्ट्रपति ट्रम्प से पूछा, ‘क्या चीन और अमेरिका ‘थुसिडाइड्स ट्रैप’ को पार कर के एक नए प्रकार के बड़े शक्तिशाली संबंध स्थापित कर सकते हैं?’

जर्मन ‘बैन इंटरनेशनल सेंटर फॉर कॉन्फ्लिक्ट स्टडीज’ के चीन-अमेरिका संबंध विशेषज्ञ रयान स्वान के अनुसार, सी द्वारा इस अवधारणा का बार-बार उपयोग बीजिंग की व्यापक कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा है। 2012 में पद ग्रहण करने के बाद से सी ने अमेरिका से चीन को ‘समान शक्ति’ के रूप में मानने और बीजिंग के पड़ोसी क्षेत्रों में हस्तक्षेप नहीं करने पर जोर दिया है। चीनी अधिकारी मानते हैं कि इससे दोनों देशों के बीच स्थिर सहअस्तित्व को बढ़ावा मिलेगा। स्वान ने कहा, ‘चीन ‘थुसिडाइड्स ट्रैप’ को पश्चिमी सिद्धांतों के भविष्यवाणी मॉडल से अधिक एक रोका जा सकने वाला खतरा मानता है।’

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