
रात की किताब, माओ का बैज और रेड गार्ड का लाल पट्टा: सांस्कृतिक क्रांति के 60 साल के प्रतीक
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चीन में सांस्कृतिक क्रांति की 60वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है – वह दौर जब चीन ने उथल-पुथल भरे दशक देखे।
16 मई 1966 को कम्युनिस्ट नेता माओ ने देश को पूंजीवादी प्रभाव और सोच से मुक्त करने तथा अपने विरोधियों को समाप्त करने के लिए अभियान शुरू किया।
माओ के विचारों को फैलाने के लिए देशभर में युवाओं के ‘रेड गार्ड’ समूह को आगे किया गया।
उन्होंने सांस्कृतिक विरासत को नष्ट किया, गिरफ्तारियां कीं और शिक्षकों, बुद्धिजीवियों व राज्य के ‘परंपरागत दुश्मनों’ से पूछताछ की गई तथा उन्हें अपमानित और पीटा गया।
इस क्रांति में लाखों लोग विस्थापित हुए और लगभग पांच लाख से लेकर बीस लाख लोगों की जान गई। यह उथल-पुथल तथा रक्तपात युग माओ के 1976 में निधन के बाद समाप्त हुआ।
उस समय की विवादास्पद विरासत को कैसे संभालना है, यह प्रश्न चीन के कम्युनिस्ट शासकों के लिए आज भी चुनौती बना हुआ है।
तस्वीर स्रोत, ullstein bild via Getty Images
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