
प्रदीप पौडेल ने प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह पर संसद की अवहेलना का आरोप लगाया
समाचार सारांश
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- नेपाली कांग्रेस के महामंत्री प्रदीप पौडेल ने प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह पर जानबूझकर संसद की अवहेलना करने का आरोप लगाया है।
- पौडेल ने कहा कि वर्तमान सरकार की गतिविधियां लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक व्यवस्था के लिए खतरा पैदा कर रही हैं।
- उन्होंने संवैधानिक परिषद की संरचना में बदलाव पर आपत्ति जताई और कहा कि प्रधानमंत्री के पास सब कुछ होने की सोच हावी हो रही है।
३ जेठ, काठमांडू। नेपाली कांग्रेस के महामंत्री प्रदीप पौडेल ने प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह पर जानबूझकर संसद की अवहेलना करने का आरोप लगाया है।
डेमोक्रेटिक विचार समाज नेपाल की साधारण सभा में बोलते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की कार्यशैली कमजोरी या अपरिपक्वता के कारण नहीं बल्कि जानबूझकर की गई है।
उन्होंने संसदीय व्यवस्था में प्रधानमंत्री को संसद के प्रति पूर्णतया जिम्मेदार होना चाहिए बताया और कहा कि वर्तमान सरकार की गतिविधियां लोकतांत्रिक मूल्य और संवैधानिक व्यवस्था के लिए खतरा पैदा कर रही हैं।
महामंत्री पौडेल ने कहा कि जनसमर्थन के साथ बनी सरकार जल्दी ही सवालों के घेरे में पड़ना चिंताजनक है।
उन्होंने सरकार के अत्यधिक केंद्रीकृत होने का भी आरोप लगाया। उनके अनुसार राजस्व अनुसंधान, संपत्ति शुद्धिकरण और विशेष जांच जैसी संवेदनशील संस्थाओं को प्रधानमंत्री केंद्रित बनाया गया है, जिससे सत्ता का संतुलन बिगड़ने का खतरा बढ़ रहा है।
उन्होंने संवैधानिक परिषद की संरचना में किए गए बदलाव पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि 6 सदस्यीय परिषद में 3 सदस्यों को बहुमत हासिल करना विश्व में विरल है। ‘प्रधानमंत्री में ‘मैं ही सबकुछ हूं’ सोच बढ़ती जा रही है,’ उन्होंने कहा, ‘ऐसी प्रवृत्ति अंततः लोकतंत्र को कमजोर करने का खतरा बनती है।’
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार को समय पर नियंत्रण में नहीं रखा गया, तो लोकतांत्रिक प्रणाली संकट में पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि राज्य का स्वरूप लोकतांत्रिक न रहेगा तो नागरिकों को कठिनाइयां होंगी और शासन प्रणाली कमजोर होगी।