
महासचिव पोखरेलः राजनीतिक दलों के बीच निरंतर संवाद अनिवार्य
नेकपा एमाले के महासचिव शंकर पोखरेल ने संसदीय प्रणाली में राजनीतिक दलों के बीच निरंतर संवाद बनाए रखने की आवश्यकता बताई है। उन्होंने कहा कि राज्य के तीनों अंगों के बीच उचित समन्वय की कमी है और युवाओं को सूचना प्रौद्योगिकी एवं शिक्षा में अधिक संभावनाएं देने के लिए सभी प्रयासरत हैं। मदन-आश्रित प्रतिष्ठान द्वारा आयोजित विचार गोष्ठी में युवाओं को सही राजनीतिक दिशा में आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। ३ जेठ, काठमाडौं।
महासचिव पोखरेल ने ३३वें मदन-आश्रित दिवस के अवसर पर ‘जनता का बहुदलीय जनवाद (जबज) और युवा’ विषयक विचार गोष्ठी में कहा, “वर्तमान प्रणाली के राजनीतिक चरित्र के कारण दलों के बीच जन समस्याओं के समाधान हेतु आवश्यक संवाद संभव नहीं हो पाया है।” उन्होंने राज्य के तीन अंगों के बीच उचित समन्वय की कमी की ओर संकेत करते हुए बताया कि सूचना प्रौद्योगिकी व शिक्षा के क्षेत्र में युवाओं को समायोजित करने हेतु सभी पक्ष प्रयासरत हैं।
उन्होंने जनता के बीच प्रतिस्पर्धा से श्रेष्ठता और शांति पूर्ण संघर्ष के माध्यम से परिवर्तन का अहसास देने पर बल दिया तथा पिछले चुनाव में मिली हार से सीख लेकर पुनः जनमुखी नीतियों के साथ जनता के समीप जाने की योजना का ब्यौरा दिया। प्रतिष्ठान के अध्यक्ष प्रदीपकुमार ज्ञवाली, एमाले संसदीय दल के प्रमुख सचेतक ऐनबहादुर महर, राष्ट्रीय युवा संघ नेपाल के उपाध्यक्ष विनायक शाह, नेपाल ल क्याम्पस के स्ववियु सभापति समीर रिजाल, सूचना प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ रमेश पौडेल सहित अन्य ने युवाओं की भावनाओं को समझते हुए सरकार और राजनीतिक दलों द्वारा योजनाओं के निर्माण की जरूरत पर जोर दिया।
उन्होंने मदनकुमार भंडारी द्वारा प्रतिपादित जबज के आधार पर युवाओं को सही राजनीतिक रुख में आगे बढ़ाने की आवश्यकता बताई। इसी कार्यक्रम में प्रतिष्ठान की वार्षिक मुखपत्र का भी विमोचन किया गया।