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मध्य प्रदेशका शम्भुलाई जहाजमा लगियो – Online Khabar

पोखरा अन्तर्राष्ट्रिय विमानस्थल से पहली बार भारत की सीधी उड़ान

पोखरा अन्तर्राष्ट्रिय विमानस्थल से पहली बार भारत की ओर सीधी उड़ान भरी गई है, जिसमें एक बीमार भारतीय नागरिक को मेडिकल चार्टर के माध्यम से भारत ले जाया गया है। मध्य प्रदेश के केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मरीज के परिवार के समन्वय में श्री एयरलाइंस के विमान ने भोपाल के लिए उड़ान भरी। यह पहली बार है जब पोखरा विमानस्थल से भारत की ओर उड़ान की अनुमति बीमार मरीज के उद्धार के लिए दी गई है और इससे भविष्य में और उड़ानों के लिए सुविधा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। 5 जेठ, पोखरा।

मुक्तिनाथ दर्शन के दौरान बीमार हुए मध्य प्रदेश के भोपाल निवासी गोपाल शम्भु दयाल श्रीवास्तव को मेडिकल चार्टर के जरिए भारत ले जाया गया। रविवार को मुक्तिनाथ से लौटते समय उनके हृदय और फेफड़ों में समस्या उत्पन्न होने पर उन्हें पोखरा के चरक मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के प्रबंध निर्देशक कपिल पोखरेल के अनुसार, डॉ. राज बस्नेत और सरोज अर्याल सहित स्वास्थ्यकर्मियों की टीम लेकर श्री एयरलाइंस का विमान दोपहर 3 बजकर 9 मिनट पर भोपाल के लिए उड़ान भर चुका है।

यह विमान भारत के राजा भोज विमानस्थल पर लैंड करेगा। भारत के केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा मरीज के परिवार के समन्वय में यह चार्टर उड़ान तय हुई है। श्रीवास्तव मंत्री चौहान के निकट होने के कारण उच्च स्तरीय समन्वय के साथ एयरलाइंस को भारत ले जाने की अनुमति प्राप्त हुई, ऐसा बताया गया है।

चौहान लोकसभा चुनाव 2024 के बाद भारत के संघीय मंत्रिमंडल में कृषि मंत्री हैं। पोखरा अन्तर्राष्ट्रिय विमानस्थल के प्रमुख जगन्नाथ निरौला के अनुसार, पोखरा से भारत के लिए यह पहली उड़ान है। 17 पुस 2079 को उद्घाटन हुए इस विमानस्थल से पहले चीन और भूटान सहित अन्य देशों के लिए चार्टर उड़ानें हो चुकी हैं। विमानस्थल निर्माण से पहले भी भारत के साथ सीधी उड़ानों हेतु बातचीत हुई थी, लेकिन भारतीय पक्ष ने अनुमति नहीं दी थी।

प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री के भारत दौरे के समय भी पोखरा विमानस्थल से उड़ान का विषय प्राथमिकता में रहा, परन्तु भारत सकारात्मक नहीं था। भारतीय नागरिक के बीमार पड़ने पर उद्धार के रूप में यह पहली उड़ान होना विमानस्थल प्रशासन के लिए अर्थपूर्ण है। प्रमुख निरौला ने कहा कि बीमार व्यक्ति के कारण ही सही लेकिन भारत के लिए उड़ान का द्वार खुला है और इससे आगे समन्वय में आसानी होगी इस आशा व्यक्त की।

वर्ष 2072 में पोखरा अन्तर्राष्ट्रिय विमानस्थल निर्माण निर्णय और शिलान्यास के समय स्थानीय लोगों में काफी उत्साह था। लेकिन भू-राजनीतिक दबाव और प्रभावी कूटनीतिक प्रयासों के अभाव में नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू नहीं हो सकीं। चीन के ऋण निवेश पर आधारित इस विमानस्थल के कारण भारत ने उड़ानों को अनुमति नहीं दी, यह भी विश्लेषण है। 2014 में नेपाल नागरिक उड्डयन प्राधिकरण और चाइना CAMC इंजीनियरिंग के बीच विमानस्थल निर्माण का समझौता हुआ था, और 2016 में नेपाल सरकार ने चीन EXIM बैंक से 216 मिलियन अमेरिकी डॉलर ऋण लेकर इस परियोजना के तहत निर्माण किया।

22 अरब रूपये के निवेश से निर्मित इस विमानस्थल को वर्तमान में भ्रष्टाचार के मामलों और अभियोगों के चलते विवादों में घिरा माना जा रहा है। निर्माण में भ्रष्टाचार और भू-राजनीतिक कारणों से अब तक नियमित उड़ानें शुरू नहीं हो सकीं, लेकिन पहली बार एक भारतीय नागरिक की बीमार स्थिति में चार्टर उड़ान संभव हुई है।

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