
उराँव समुदाय ने धूमधाम से मनाया सरहुल पर्व
७ चैत, सुनसरी । सदरमुकाम इनरुवा सहित जिले के विभिन्न स्थानों में निवासरत उराँव समुदाय ने शनिवार को सरहुल पर्व धूमधाम से मनाया।
इनरुवा, कोशी, भोक्राहा, हरिनगर, गढ़ी समेत अन्य क्षेत्रों के उराँव समुदाय के सदस्यों ने इस वर्ष भी सरहुल पर्व उल्लासपूर्वक मनाया।
प्रकृति पूजक के रूप में परिचित उराँव समुदाय के अगुवा रामकिसुन उराँव ने इनरुवा-८ में सामूहिक रूप से सरना स्थल पर इकट्ठा होकर अपने धार्मिक संस्कारों के अनुरूप सरहुल पर्व मनाने की जानकारी दी। उन्होंने इस पर्व को अपने समुदाय का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण प्रकृति पर्व बताया।
उन्होंने बताया कि चैत महीने की शुक्लपक्ष तृतीया तिथि को यह पर्व मनाने की परंपरा चल रही है।
पर्व के अवसर पर साल और करम के पेड़, अर्थात सरना स्थल पर एकत्र होकर पूजा की जाती है। नए फूलों के आगमन को नए वर्ष की शुरुआत माना जाता है, और इस पर्व को मनाने की यही परंपरा है।
जब नए फल-फूल आते हैं, तो कुलदेवताओं को प्रसाद अर्पित कर के ही नए फसल या फलफूल का सेवन शुरू करने की रिवायत होती है, बताया उराँव समुदाय के अगुवाओं ने।
पूजा के दौरान धर्मगुरु ने पृथ्वी, जंगल, पानी और पूर्वज देवताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए समुदाय की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। सहभागी सदस्य परंपरागत पोशाक पहन कर पूजा-अर्चना में सम्मिलित हुए। –रासस