
डीडीसी सुधार के लिए सरकार ने ९ बिंदु का निर्देश जारी किया
कृषि, वन और वातावरण मंत्रालय ने दुग्ध विकास संस्थान (डीडीसी) के सुधार के लिए ९ बिंदु का निर्देश जारी किया है। मंत्री गीता चौधरी ने डीडीसी के प्रबंधन, आर्थिक पारदर्शिता और सेवा प्रवाह में व्यापक सुधार लाने के लिए ये निर्देश दिए हैं। निर्देश के अनुसार डीडीसी दूध संकलन, बिक्री वितरण, लेखा प्रणाली, कर्मचारी हाजिरी सहित सभी प्रक्रियाओं को तीन महीने के भीतर इलेक्ट्रॉनिक अभिलेखीय प्रणाली में लाने के लिए व्यवस्था करेगा। ७ जेठ, काठमाडौं।
निर्देश निम्नानुसार हैं: १. पिछले पाँच वर्षों के दूध संकलन और बिक्री वितरण के मासिक आंकड़े तथा आय-व्यय का यथार्थ विवरण १५ दिनों के भीतर मंत्रालय में प्रस्तुत करना होगा और प्रत्येक माह की मासिक रिपोर्ट अगला माह के सात दिनों के भीतर मंत्रालय को भेजने का प्रावधान होगा। २. संस्थान द्वारा वसूली करनी वाली बकाया राशि प्रचलित कानून के अनुसार वसूल कर एक माह के भीतर मंत्रालय को सूचित करना होगा। ३. दूध संकलन से लेकर दुग्ध पदार्थों की बिक्री वितरण, बिलिंग प्रणाली, लेखा प्रणाली, संपत्ति तथा जिन्सी वस्तुस्थिति सहित संस्थान से जुड़ी समस्त प्रक्रियाओं को शासन द्वारा स्वीकृत १०० बिंदुओं के सुधार के अनुसार तीन माह के अंदर इलेक्ट्रॉनिक अभिलेखीय प्रणाली में शामिल करना होगा।
४. संस्थान में कार्यरत सभी प्रकार के कर्मचारी एवं कामगारों की अनिवार्य इलेक्ट्रॉनिक हाजिरी कराई जाएगी और केवल प्रमाणित इलेक्ट्रॉनिक हाजिरी वाले कर्मचारियों को नियमित तथा अधिक समय के लिए वेतन भुगतान किया जाएगा। ५. नियमीत कानून के अनुसार ही सेवाएं प्रदान करने की व्यवस्था की जाएगी तथा कर्मचारियों एवं कामगारों के लिए आचार संहिता जारी कर कड़ाई से लागू की जाएगी। ६. संस्थान की भौतिक संपत्ति की लागत अद्यतन कर उसके व्यवसायिक योजना बनाई जाएगी। ७. प्रत्येक कर्मचारी को लक्ष्य सहित कार्यसम्पादन विवरण दिया जाएगा तथा कार्यविवरण के आधार पर मूल्यांकन सूचकांक तैयार कर मूल्यांकन किया जाएगा। ८. संस्थान के द्वारा किए जाने वाले और अन्य से कराए जाने वाले कार्यों की सूची, कार्यसम्पादन की प्रक्रिया का अभिलेखन कर बिजनेस प्रोसेस रिइंजीनियरिंग तैयार कर सुधार के उपाय मंत्रालय को भेजे जाएंगे। ९. दुग्ध विकास संस्थान के अंतर्गत प्रत्येक वितरण आयोजन एवं उत्पादन केन्द्र के प्रमुख समेत कार्यरत कर्मचारियों को संस्थान के मुनाफे में योगदान के आधार पर दूध संकलन और दुग्ध पदार्थ बिक्री वितरण के कारोबार के लक्ष्य निर्धारित कर कार्यसम्पादन का मूल्यांकन किया जाएगा।