
भूमध्यसागर में सुनामी का उच्च जोखिम
भूमध्यसागर में सुनामी के खतरे को कम आंकने वाले मान्यताओं के विपरीत वैज्ञानिकों ने गंभीर चेतावनी जारी की है। फ्रांसीसी रिविएरा जैसे क्षेत्रों में कभी भी विनाशकारी सुनामी आ सकती है, जो तटीय इलाकों को भारी नुकसान पहुँचा सकती है, यह नई मॉडलिंग और ऐतिहासिक आंकड़ों से प्रमाणित हुआ है। यूनेस्को के अनुसार, आगामी 30 वर्षों के भीतर भूमध्यसागर क्षेत्र में कम से कम एक मीटर ऊँची सुनामी आने की संभावना है। 16वीं सदी से अब तक फ्रांसीसी रिविएरा में दो मीटर से अधिक ऊँची लहरें लगभग 20 बार दर्ज की गई हैं।
सुनामी की सबसे बड़ी चुनौती इसकी अत्यंत कम समयावधि है। विशेष रूप से तटीय इलाकों के पास पानी के नीचे भू-स्खलन या भूकंप के कारण 10 मिनट से भी कम समय में सुनामी की पहली लहर तट तक पहुँच सकती है, जिससे पारंपरिक चेतावनी प्रणालियाँ प्रभावी नहीं हो पातीं। 2012 से संचालित फ्रांस की राष्ट्रीय चेतावनी प्रणाली दूरस्थ भूकंपों से उत्पन्न सुनामी की सूचना 15 मिनट के भीतर दे पाने में सक्षम है, परन्तु स्थानीय स्तर पर उत्पन्न होने वाली सुनामी के लिए यह अपर्याप्त है।
इसलिए, तटीय आबादी के लिए स्वयं भूकंप का अनुभव करना या समुद्र का अचानक पीछे हटना जैसे संकेत समझना आवश्यक है। वैज्ञानिकों ने फ्रांसीसी मेडिटेरेनियन तट पर 5 मीटर से कम ऊँचाई वाले क्षेत्रों और समुद्र से 200 मीटर के भीतर के इलाकों को उच्च जोखिम वाले क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया है। गर्मियों में यहाँ लाखों पर्यटक आते हैं, जिससे आपातकालीन बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इसे ध्यान में रखते हुए मोंटपेलियर विश्वविद्यालय के सहयोग से नीस क्षेत्र में विशेष बचाव रणनीति बनाई गई है। इसके तहत लगभग 100 आश्रय स्थल और पैदल मार्गों के नक्शे तैयार किए गए हैं जो त्वरित और सुरक्षित स्थानों पर पहुँचने में सहायता करेंगे।